धारचूला के दारमा घाटी में पंग्पावे में बन रही सड़क
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धारचूला की दारमा घाटी अगले वर्ष दिसंबर तक सड़क से जुड़ जाएगी। इससे उच्च हिमालयी क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों की करीब पांच हजार की आबादी को लाभ होगा। कार्यदायी संस्था केंद्रीय लोक निर्माण विभाग घाटी तक सड़क पहुंचाने के लिए केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) से भी सुझाव ले रही है।
उच्च हिमालयी क्षेत्र दारमा घाटी के गांवों को यातायात सुविधा मुहैया कराने के लिए वर्ष 2010 से सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा है। सोबला-सेला-तिदांग तक 46.98 किमी सड़क निर्माण का कार्य सीपीडब्ल्यूूडी के पास है। ढाकर गांव तक सड़क काट दी गई है। यहां से तिदांग महज 600 मीटर की दूरी पर है। करीब तीन किमी सड़क की कटिंग ग्रामीणों की निजी भूमि के चलते नहीं हुई है। पंग्पांबे वैली (9000 से 13 हजार फुट) में कठोर चट्टानों को काटने में काफी परेशानी हुई।
आपदा के दौरान बड़ी चट्टान गिर गई। साथ ही 50 मीटर सड़क भी ध्वस्त हो गई। सीपीडब्ल्यूडी के ईई एसके हांडा ने बताया कि पंग्पांबे वैली में ढाई किमी सड़क काटने में अब सीआरआरआई की मदद ली जा रही है। यहां रोड कटिंग होते ही पहाड़ी दरक रही है। सड़क को 6-7 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है।
कोलकाता से आएंगे बैली व्रिज
पिथौरागढ़। दारमा घाटी सड़क पर नालों के ऊपर छह बैली ब्रिज लगने हैं। बैली ब्रिज कोलकाता की ब्रिज एंड रुफ कंपनी से खरीदे गए हैं। डायरेक्टर जनरल क्वालिटी एश्योरेंस के निरीक्षण के बाद इन पुलों को क्षेत्र में पहुंचाया जाएगा।
दारमा घाटी में अवैध खनन की शिकायत
धारचूला (पिथौरागढ़)। दिलिंग दारमा युवा संगठन के महासचिव नरेंद्र सिंह ने दारमा घाटी में अवैध खनन की शिकायत की है। एसडीएम को सौंपे शिकायत पत्र में उन्होंने कहा कि माफिया द्वारा अवैध रूप से खनन किया जा रहा है, जबकि यह क्षेत्र बेहद संवेदनशील है। बरसात में यहां के लोगों को भूस्खलन के कारण कई परेशानियां झेलनी पड़ती है। नदियों और पहाड़ियों से अवैध रूप से खनन करने से भविष्य में इस तरह की घटनाओं में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।