मदकोट क्षेत्र घूमने आए इस्राइल के पर्यटक
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इस्राइल के पर्यटकों को देवभूमि उत्तराखंड के मदकोट क्षेत्र की खूबसूरती खूब भायी। चार दिन तक मदकोट के पास बसंतकोट और मुनस्यारी में सैर करने वाले इन पर्यटकों को यहां की आबोहवा और लोगों की सरलता ने खूब प्रभावित किया। यहां से ये पर्यटक अल्मोड़ा जिले के कसारदेवी लौट गए।
इस्राइल के आठ युवा पर्यटक इसीदा, सेगी, सोबाल, दोह, याकदेन, वैरा, मोसिको और अवयाद पिछले सप्ताह कसारदेवी से मदकोट पहुंचे। पहली बार इस इलाके में आए ये सभी पर्यटक यरुशलम में पढ़ाई कर रहे हैं। मदकोट से सड़क मार्ग से चार किमी की दूरी पर बसंतकोट से नैसर्गिक सौंदर्य का लुत्फ उठाया। वे यहां सेवानिवृत्त खंड विकास अधिकारी एलएस पालीवाल के घर रुके। हिब्रू (इब्रानी) एवं अंग्रेजी भाषा जानने वाले इन पर्यटकों की हिंदी नहीं आने से कुछ दिक्कतें जरूर हुई, मगर गाइड की मदद से भाषायी परेशानी दूर कर उन्होंने गांव के लोगों और बुजुर्गों से यहां की खूबियों को जाना। क्षेत्र के परंपरागत खानपान एवं संस्कृति से रूबरू हुए। इन पर्यटकों ने भट की चुड़कानी, मडु़वे की रोटी और हरी सब्जी को चाव से खाया।
इन युवा पर्यटकों का कहना था कि बेहद शांत इन इलाकों के लोग भी सीधे एवं सरल हैं। बाद में इन पर्यटकों ने गरमपानी में स्नान का आनंद उठाया। इस स्रोत से निकलने वाला पानी हमेशा गर्म रहता है। स्थानीय लोग बताते हैं कि गरमपानी में स्नान त्वचा रोग में खासा कारगर होता है। यहां से मुनस्यारी होते हुए ये इस्राइली पर्यटक कसारदेवी निकल गए।