मूसलाधार बारिश ने नेपाल सीमा से सटे झूलाघाट में खूब कहर बरपाया। बारिश के बाद उफनाए नालों का पानी और मलबा दर्जनों घरों में घुस गया। इससे राशन, इलेक्ट्रॉनिक-इलेक्ट्रिक उपकरण समेत घरेलू बर्बाद हो गया। एक मकान में दरार भी आ गई। मौसम की इस मार से सहमे जुलगांव के लोगों ने होटल में शरण ली है।
बुधवार दोपहर तीन बजे झूलाघाट में हुई एक घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद नाले उफान पर आ गए। इन नालों से पानी के साथ ही पहाड़ों का मलबा बहकर आया और दर्जनों मकानों, दुकानों में घुस गया। इससे राशन, टीवी, फ्रिज आदि घरेलू सामान खराब हो गया। सबसे ज्यादा नुकसान क्षेत्र पंचायत सदस्य विक्रम महर को हुआ। पानी के तेज बहाव के साथ आए मलबे से महर के मकान में दरार आ गई है। घर के अंदर रखा टीवी, फ्रिज और बिस्तर खराब हो गया है। साथ ही बिश्ना देवी, राजेश महर, नैन राम, सरिता देवी, मोहन राम, नैन राम, गणेश राम, रामू राम, मोहन राम के घरों के अंदर भी मलबा भर गया है। झूलाघाट बाजार के फईन अंसारी के सैलून की दुकान में भी मलबा भर गया। साथ ही खेतों में भी मलबा और पानी भर गया है।
इधर, मौसम की मार से सहमे जुलगांव के लोगों ने गांव के पास एक होटल की शरण ली है। सुरक्षा के लिहाज से इन लोगों ने अपने घर छोड़ दिए हैं। इससे पहले सोमवार को हुई बारिश में भी जुलगांव में नुकसान हुआ था। प्रभावित क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मुआवजे के साथ ही बाढ़ सुरक्षा की मांग की है। एसडीएम एसके पांडेय ने बताया कि राजस्व और पुुलिस की टीम को रेस्क्यू के लिए भेजा गया है।
दूसरी ओर पिथौरागढ़ में दोपहर साढ़े तीन बजे ओलावृष्टि के साथ मूसलाधार बारिश हुई। महज 20 मिनट की इस मूसलाधार बारिश से चोक नालियों का पानी सड़कों पर बहने लगा। इससे सड़कें नालियों में तब्दील हो गई। बारिश के पानी के साथ ही सड़कों पर नालियों की गंदगी पसर गई। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मुनस्यारी में भी ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई। नाचनी में तेज हवा के साथ बारिश हुई।