थल (पिथौरागढ़)। क्षेत्र के डाडल गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब घास काट रही एक महिला पर अपने छह बच्चों के साथ आए एक भालू ने अचानक हमला कर दिया। ग्रामीणों की सूझबूझ और समय पर मौके पर पहुंचने से महिला की जान तो बच गई लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गई हैं जिन्हें बेहतर इलाज के लिए बागेश्वर रेफर किया गया है।
इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग डरे हुए हैं। वन विभाग ने भालू के दो बच्चों को पकड़ा और उन्हें देर रात जंगल में छोड़ दिया।
जानकारी के मुताबिक, डाडल गांव निवासी चंपा देवी (52) बीते सोमवार शाम पांच बजे के करीब अपने घर के पास खेत में घास काट रही थी। इसी बीच अपने छह बच्चों के साथ पहुंचे भालू ने उन पर हमलाकर दिया।
महिला ने हौसले के साथ भालू से संघर्ष करते हुए शोर मचाया। उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी ने भालू को खदेड़ा। भालू जंगल भाग गया और महिला की जान बच गई हालांकि तब तक भालू महिला के पैर और शरीर पर गहरे घाव कर चुका था।
लहूलुहान हालत में महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पांखू पहुंचाया गया। वहीं सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने गश्त की लेकिन भालू कहीं नजर नहीं आया।
पैर की मांसपेशियां गंभीर रूप से जख्मी
बागेश्वर। जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. विदित पांडेय ने बताया कि भालू के हमले के कारण चंपा देवी के पैर की मांसपेशियां गंभीर रूप से जख्मी हुई हैं। उनका उपचा जारी है। सूचना पर डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य के निर्देश पर बागेश्वर रेंज की वन टीम अस्पताल पहुंची और घायलों का हालचाल जाना। वन विभाग की टीम ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहयोग का आश्वासन दिया। यहां पूर्व विधायक कपकोट ललित फर्स्वाण सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का कुशलक्षेम जाना।