नेपाल के बैतड़ी जिले के मकैल गांव में शनिवार शाम आंगन में खेल रही सात वर्षीय बालिका को तेंदुए ने मार डाला। बालिका की लाश शव रविवार को घर से 700 मीटर दूर डाबरा के जंगल में मिली है। तेंदुए ने बालिका के मुंह, गले और छाती वाला हिस्सा रात ही में खा दिया था। बालिका गंगेश्वर प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो में पढ़ती थी। इस इलाके में तीन वर्ष पहले तेंदुए का जबर्दस्त आतंक मचा था। तब उसने 22 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। फिर से तेंदुए का आतंक शुरू होने से लोग दहशत में हैं।
बताया गया कि मकैल गांव के हीरा चंद की सात वर्षीय बेटी चंचला शनिवार शाम आठ बजे घर के आंगन में खेल रही थी। तभी घर के कोने में दुबका तेंदुआ उसे उठा ले गया। बालिका के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार एवं गांव के लोगों ने तेंदुए का पीछा किया, लेकिन अंधेरा होने के कारण उसका कहीं पता नहीं चला। रविवार सुबह फिर से खोजबीन की गई तो बालिका की क्षत-विक्षत लाश बरामद हुई है।
बैतड़ी में जिला प्रहरी कार्यालय के प्रहरी निरीक्षक सुरेंद्र बम ने बताया कि पाटन चौकी से पुलिस टीम घटनास्थल को रवाना हो गई है। वन विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। पूरे इलाके में दहशत है। लोग इस बात से भयभीत हैं कि कहीं तेंदुए का आतंक फिर से शुरू न हो जाए। लोगों ने वन विभाग से तत्काल तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।