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Pithoragarh News: मलघाट की पहाड़ी से पत्थरों की बौछार, जेसीबी चालक ने भाग कर बचाई जान

Sun, 02 Aug 2026 11:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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फोटो 02 पीटीएच 08 पी- तवाघाट-गुंजी सड़क पर मलघाट की पहाड़ी से गिर रहे पत्थर। स्रोत: जागरूक पाठक
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धारचूला (पिथौरागढ़)। तवाघाट-गुंजी कैलाश यात्रा मार्ग पर कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मलघाट के पास बंद सड़क को खोलने में जुटे बीआरओ के कर्मियों पर उस वक्त जान पर बन आई, जब अचानक पहाड़ी से पत्थरों की बौछार शुरू हो गई। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए जेसीबी चालक और श्रमिक अपनी मशीनें और जान बचाकर किसी तरह भागे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
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मलघाट में शनिवार देर शाम सात बजे से बोल्डर और मलबा आने से सड़क बंद हो गई थी। रविवार को पत्थरों की बौछार रुकने के बाद बीआरओ 65 आरसीसी के कार्मिकों ने दो जेसीबी की मदद से सड़क खोलने का कार्य शुरू किया और अपराह्न तीन बजे यातायात शुरू कराया। इस बीच सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लगी रही।
गुंजी से आ रहे दर्जनों वाहन चालकों ने घंटों इंतजार के बाद सड़क खुलने पर राहत की सांस ली। एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि मलघाट में रुक-रुक बोल्डर गिरने से खतरा बना है। उन्होंने सभी वाहन स्वामियों और स्थानीय ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।
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इधर बीआरओ की 67 आरसीसी ग्रिफ ने कुलागाड़ और एलागाड़ में मलबे से बंद हुई सड़क को खोल दिया। दारमा घाटी की सड़क पर भी आवाजाही जारी है।
दारमा घाटी की विमला दताल, जमन दताल, गुड्डू दताल व व्यास घाटी के ग्रामीण कविंद्र बुदियाल, आमोद गर्ब्याल, लक्ष्मी गुंज्याल, अंजू रोंकली और नगेंद्र कुटियाल ने बताया कि मानसून काल में दोनों घाटी को जोड़ने वाली सड़क आए दिन कई जगहों पर बंद हो जाने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दूसरी ओर मुनस्यारी तहसील में सीमांत मल्ला जोहार घाटी को जोड़ने वाली मुनस्यारी-मिलम रविवार को करीब 10 घंटे से अधिक बंद रही। इसके चलते मिलम स्थित आईटीबीपी की अंतिम चौकी के लिए आवाजाही करने वाले जवानों और मल्ला जोहार क्षेत्र के ग्रामीणों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं।

बोले टैक्सी यूनियन पदाधिकारी
बीआरओ की ओर से धारचूला से तवाघाट और तवाघाट से गुंजी कैलाश यात्रा मार्ग पर चौड़ीकरण, सुधारीकरण कार्य पिछले कई वर्षों से किया जा रहा। कुलागाड़, एलागाड़, मलघाट, गरबाधार और एस बैंड आदि खतरनाक स्थलों पर मलबा, बोल्डर आने से सड़क घंटों बंद रहती है। इससे यात्रियों के साथ ही स्थानीय ग्रामीणों और सुरक्षा कर्मियों को काफी दिक्कतें होती हैं। इन खतरनाक स्थलों का शीघ्र स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।

-राजेंद्र सिंह नबियाल, अध्यक्ष आदि कैलाश टैक्सी यूनियन धारचूला

दारमा घाटी में बीआरओ की ओर से तवाघाट से सोबला-ढाकर सड़क पर सुधारीकरण किया जा रहा है। मानसून काल में भैती, घटखोला, पंगबावे और सेला से नागलिंग आदि जगहों पर आए दिन सड़क घंटों बंद रहती है। इससे पंचाचूली दर्शन को आने वाले यात्रियों, सुरक्षा कर्मियों और ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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-महेंद्र सिंह सीपाल, अध्यक्ष दारमा घाटी टैक्सी यूनियन धारचूला
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