पिथौरागढ़ जिले के दारमा के तिंथा घाटी में सड़क में जमा बर्फ की वजह से ट्रेक्टर से जाते लोग।
- फोटो : पिथौरागढ़
बर्फबारी के कारण दारमा घाटी के 14 गांवों के लोग बुरी तरह से प्रभावित हो गए हैं। सड़क पर ही तीन फीट बर्फ जमा है। तिंथा से दांतू तक 15 किमी हिस्से में वाहन संचालन नहीं हो पा रहा है। बर्फ इतनी अधिक है कि उस पर ट्रैक्टर का भी नहीं चल पा रहे हैं। बर्फबारी ने सैलानियों, पर्वतारोहियों की राह भी रोक दी है। यहां सैनिकों को भी पैदल ही एक जगह से दूसरी जगह जाना पड़ रहा है।
दारमा घाटी के बालिंग, नागलिंग, दांतू, दुग्तू, बोन, फिलम, गो, ढांकर, सीपू समेत 14 गांवों के लोगों को 10 से 15 किमी पैदल चलना पड़ रहा है। बर्फ के कारण उर्थिंग के पास तिंथा से वाहन आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। बृहस्पतिवार को दिलिंग दारमा सेवा समिति बरेली के महासचिव जगत सिंह दताल अपनी पत्नी रंजीता दताल और रिश्तेदार सपना दताल के साथ अपने मूल गांव दांतू और पंचाचूली ग्लेशियर तक जा रहे थे। यह लोग तिंथा नामक स्थान तक तो वाहन से पहुंच गए लेकिन बर्फ अधिक होने के कारण वाहन आगे नहीं जा पाए। ये लोग ट्रैक्टर से भी दो किमी आगे सेला गांव के पास तक ही जा पाए। वहां से वापस लौटे दताल ने बताया कि सेला गांव से ऊपर सभी 14 गांवों में करीब 3 फीट बर्फ है। दारमा में बर्फ हटाने के लिए स्नो कटर लगाना चाहिए।
ढाकर और बालिंग में आईटीबीपी तैनात है। बर्फबारी के कारण आईटीबीपी के जवानों को भी पांच से 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। नागलिंग और बालिंग में बर्फ अधिक मात्रा में जमा है। धारचूला के उपजिलाधिकारी आरके पांडेय का कहना है कि सीपीडबल्यूडी से बर्फ हटाने के लिए कहा गया है।