नोटबंदी के बाद बैंकों में लगी भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। नोटबंदी को दो महीने पूरे हो गए हैं, लेकिन लोगों की समस्या कम नहीं हो पाई है। जिला मुख्यालय के बैंकों में कैश तो है, लेकिन अभी निकासी की राशि 24 हजार रुपए प्रति सप्ताह से ज्यादा नहीं बढ़ पाई है। मंगलवार को भी स्टेट बैंक में भारी भीड़ रही। बैंक के अधिकारियों ने बताया कि बैंक से निकासी तो हो रही है, लेकिन लोग जमा करने को कम आ रहे हैं। इस कारण बैंकों का रुटीन सिस्टम नहीं सुधर पाया है।
इधर, सेना के पेंशनरों के खातों में अब एरियर की राशि पड़ चुकी है। कुछ पेंशनरों के खातों में 50 हजार रुपए तक आए हैं, लेकिन बैंक उनको सप्ताह में 24 हजार से अधिक का भुगतान नहीं दे रहा है। बैंक के अधिकारियों का कहना है कि एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए सप्ताह में 24 हजार रुपए की राशि काफी होती है। बैंक से रोजाना एक करोड़ रुपए की निकासी हो रही है, लेकिन जमा राशि 15 लाख से भी कम है।
स्टेट बैंक के रोकड़ अधिकारी कन्हैया लाल ने बताया कि बैंक में कैश की कोई कमी नहीं है। मंगलवार को चेस्ट ब्रांच के अधीन आने वाली शाखाओं को 25 से 30 लाख रुपए दिए गए। नगर के एटीएम में अब 500 के नोट पड़ने से आसानी से 4500 रुपए की निकासी हो रही है। बैंक के अधिकारियों का कहना है कि यदि निकासी और जमा का संतुलन नहीं बना तो स्थिति बिगड़ सकती है।
डीडीहाट में स्थिति थोड़ी सुधरी
डीडीहाट। स्टेट बैंक में कैश आने के बाद यहां स्थिति में थोड़ा सुधार आया है। बैंक ने अब लोगों को 24 हजार रुपए तक देना शुरू कर दिया है। एटीएम भी अब चालू हालत में हैं। गांव के लोगों को इस समय भुगतान में कोई समस्या नहीं है। बैंक के अधिकारियों का कहना है कि यदि कैश बराबर मिलता रहा तो हालात जल्दी सामान्य हो जाएंगे।
गणाईगंगोली में कई दिन बाद पहुंचा कैश
गणाईगंगोली। स्टेट बैंक में करीब तीन सप्ताह बाद कैश पहुंचते ही लोगों की भीड़ उमड़ गई। बैंक ने लोगों को अधिकतम दस हजार रुपए का भुगतान देने का फैसला लिया है। कैश के संकट से जूझ रहे लोग मंगलवार सुबह ही बैंक में पहुंच गए। बैंक के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल दस हजार रुपए का भुगतान सभी को दिया जा रहा है, ताकि सभी का काम चल जाए। बैंक में पेंशनर और व्यापारियों के खाते ज्यादा हैं।
एक ही दिन में 65 लाख खत्म
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। लंबे समय बाद एसबीआई गंगोलीहाट में कैश आया तो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। बैंक में आए कुल 65 लाख रुपए एक ही दिन में खत्म हो गए। हालांकि, बैंक में कैश आने की सूचना पर सुबह आठ बजे से ही लोगों की कतार लग गई थी, लेकिन दोपहर बाद बैंक का सारा कैश समाप्त होने पर कइयों का मायूसी हाथ लगी। लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार को नोटबंदी का फैसला पूरी सूझ-बूझ और पूर्व तैयारी के साथ लेना चाहिए था। बैंक मैनेजर गोपाल सिंह फिरमाल ने बताया कि बेड़ीनाग ब्रांच से 15 लाख और पिथौरागढ़ ब्रांच से 50 लाख रुपया आया था। आरबीआई के नियमानुसार खाताधारकों को 24 हजार रुपए के हिसाब से भुगतान किया गया है। बैंक में अब कैश खत्म हो गया है। चेस्ट ब्रांच से कैश आने पर ही लोगों को भुगतान किया जाएगा। बैंक से लोग भुगतान तो ले जा रहे हैं, लेकिन जमा करने की गति बेहद धीमी है। इस कारण भी कैश की किल्लत पैदा हो रही है।