दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को बैंक खुले तो लोगों की भारी भीड़ लग गई। स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में सुबह 8.30 से ही लोगों ने लाइन में लगना शुरू कर दिया था। लोगों का कहना था कि जल्दी लाइन में लगने से जल्दी पैसे भुगतान का नंबर आएगा और सामान की खरीदारी कर घर जल्दी पहुंचेंगे। दो दिनों की छुट्टी के बाद समाप्त हो चुके एटीएम में भी सोमवार फिर से नोट पड़ने लगे हैं।
एसबीआई मुख्य शाखा के रोकड़ अधिकारी कन्हैया लाल ने बताया कि अब बैंक में कैश धीरे-धीरे कम होने लगा है। जब तक नया कैश नहीं आ जाता है तब तक नगर के कुछ एटीएम में पैसा नहीं पड़ पाएगा। अभी मुख्य ब्रान्च में पुराने नोटों की छंटाई का काम तेजी से चल रहा है। जैसे ही छंटाई का काम समाप्त होगा, इन नोटों को जमा करने के लिए दूसरी टीम कानपुर जाएगी। तब 500 के नए नोट भी आने की उम्मीद है। बैंक के अधिकारियों का मानना है कि जब कैश की नई खेप आएगी तभी स्थिति थोड़ा सामान्य होगी।
उन्होंने बताया कि पूरे जिले में बेड़ीनाग, डीडीहाट, धारचूला और पिथौरागढ़ में एसबीआई का मुख्य खजाना भंडार हैं। इन सभी में अभी तक पिथौरागढ़ में सबसे ज्यादा 10 नवंबर के बाद सर्वाधिक 200 करोड़ रुपए के पुराने नोट जमा हो चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अभी बैंक के पास कैश की कमी नही हैं। बैंकों में अब नोट बदली नहीं हो रही है। पुराने नोट खाते में जमा किए जा रहे हैं। अलबत्ता लोगों को खाते से बैंक में कैश की सीमा के हिसाब से भुगतान मिल रहा है।
डाकघर ने जमा किए चार करोड़
पिथौरागढ़। मुख्य डाकघर में नोटबंदी के 20 दिन हो जाने पर अभी तक 500 और 1000 के 3 करोड़ 89 लाख 63 हजार रुपए जमा हो चुके हैं। पोस्टमास्टर आरआर आर्या ने बताया कि अब पोस्टआफिसों में सिर्फ बचत खातों में ही 500 और 1000 के पुराने नोट जमा हो रहे हैं। जनधन और आरडी खातों में कोई रकम जमा नहीं हो रही है।
कनालीछीना बैंक में कामकाज ठप
कनालीछीना। कनालीछीना स्टेट बैंक में लगे कंप्यूटर का यूपीएस फुंक जाने से चार दिन से बैंक का सारा कामकाज ठप पड़ा है। बैंक में आ रहे ग्राहक वापस लौट रहे हैं। बैंक प्रबंधक आशीष कुमार ने बताया कि यूपीएस फुंक जाने से कंप्यूटरों में पावर सप्लाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि यूपीएस ठीक करने के लिए रुद्रपुर से टीम मंगाई गई है। मंगलवार से व्यवस्था ठीक होने की उम्मीद है। बैंक की इस अव्यवस्था पर प्रधान पार्वती देवी, प्रयाग कुमार, मोहन राम, जीवन धामी, नवीन पुनेठा आदि ने घोर नाराजगी जताई है। कहा है कि ऐसे मौके पर सिस्टम खराब होना गंभीर मामला है।
डाकघर का एटीएम चालू नहीं हुआ
नगर के मुख्य डाकघर का एटीएम स्थापित होने के 6 महीने बाद भी चालू नहीं हो पाया। इसे चालू करने की तैयारी चल रही थी तो नोटबंदी का आदेश आ गया। डाकघर का यह एटीएम अभी भी चालू नहीं है। इसका मुख्य कारण यह है कि बैंक से 100 के नोट नहीं मिल पा रहे हैं और 2000 के नोट का सिस्टम बाक्स नहीं बदला गया है। मुख्य शाखा के पोस्टमास्टर आरआर आर्या ने बताया कि जब तक 2000 के नोट निकालने का सिस्टम स्थापित नहीं होता तब तक एटीएम के शुरू होने में समय लगेगा।