झूलाघाट के रामलीला मैदान में आयोजित नन्हीं चौपाल कार्यक्रम में बच्चों को जीवन में नैतिक आदर्शों का महत्व समझाया गया। आज लगातार बढ़ रही अश्लीलता से बच्चों की दिनचर्या और व्यवहार पर असर पड़ रहा है। इस तरह की प्रवृत्ति को रोकने के लिए यह आयोजन हुआ।
मिनी कश्मीर ब्रहम समिति संस्था की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में भारी संख्या में बच्चों ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने बच्चों में बढ़ रहे तनाव, आदर संस्कार को भूलना, हेयर स्टाइल को बदलना, धुएं के छल्ले उड़ाना, मोबाइल, इंटरनेट में व्यस्त रहना, फटे पुराने कपड़ों को पहनना, तेज रफ्तार बाइक को चलाना, परिवार के लोगों के साथ अपनत्व की कमी, अपशब्दों का अक्सर प्रयोग करना आदि समस्याओं पर चर्चा की गई। कहा गया कि बच्चों में सामाजिक विकृति तेजी से आ रही है। आज की नई तकनीक का सकारात्मक रूप से इस्तेमाल करने के बजाए बच्चे उसका दुरुपयोग करने लगे हैं।
कलाकार राजीव पांडेय ने बच्चों में ऊर्जा का संचार करने का प्रयास किया। कहा कि बच्चों की सोच को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए समय-समय पर विशेषज्ञों की राय, सामाजिक और रचनात्मक कार्यों के माध्यम से कहानी और लेखन में रुचि पैदा करना, खेल और बाल मेलों का आयोजन किया जाएगा। संस्था के अध्यक्ष विप्लव भट्ट ने बताया कि धीरे-धीरे नन्हीं चौपाल को पूरे जिले में चलाया जाएग। कार्यक्रम में संस्था के सचिव हेम पंत, थानाध्यक्ष तारा सिंह राणा, करन बोहरा, बिन्नी भट्ट, प्रधान सुरेंद्र आर्या, मूनाकोट शिक्षक संघ अध्यक्ष कैलाश भट्ट और रमेश साकी आदि उपस्थित थे।