प्राथमिक पाठशाला बांजड़ पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी।
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बाजड़ के 118 साल पुराने राजकीय प्राथमिक स्कूल के बंद होने का खतरा टलता दिख रहा है। इस स्कूल में अब तीन विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। जुलाई तक इस स्कूल में करीब 15 विद्यार्थियों का प्रवेश हो जाएगा।
बाजड़ में वर्ष 1901 में राजकीय प्राथमिक विद्यालय स्थापित हुआ था। इस वर्ष छात्र संख्या शून्य होने पर इस स्कूल को बंद कर दिया गया और सामान अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया था। अमर उजाला ने 12 मई के अंक में 118 साल पुराने स्कूल में लगा ताला शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर से हरकत में आए खंड शिक्षाधिकारी केके पंत ने 16 मई को बाजड़ पहुंचकर अभिभावकों से वार्ता की थी। उन्होंने कहा था कि अभिभावक अन्यत्र स्कूलों में भेजे गए अपने बच्चों का दाखिला बाजड़ स्कूल में कराते हैं तो फिर से स्कूल खोल दिया जाएगा। इस पर अभिभावकों ने हामी भरी थी।
सोमवार को एक बार फिर खंड शिक्षाधिकारी केके पंत बाजड़ पहुंचे। उन्होंने अभिभावकों से वार्ता की। सोमवार को तीन बच्चों ने कक्षा एक में प्रवेश ले लिया। खंड शिक्षाधिकारी ने बताया कि बाजड़ के लगभग 40 बच्चे गांव से बाहर पढ़ते हैं। सारे अभिभावकों से संपर्क किया गया है। गांववासियों ने खंड शिक्षा अधिकारी को बताया की जुलाई तक विद्यालय 10 से 15 विद्यार्थी प्रवेश ले लेंगे।
अभिभावकों ने स्कूल फिर से संचालित होने के लिए शिक्षा विभाग और अमर उजाला का आभार जताया है। खंड शिक्षाधिकारी पंत के साथ ही सीआरसी समन्वयक लाल सिंह डसीला और ग्रामवासी मौजूद थे। खंड शिक्षाधिकारी ने बताया कि जुलाई से स्कूल में शिक्षकों की तैनाती कर दी जाएगी। जुलाई माह से सप्ताह में एक बार इस विद्यालय में जरूर आएंगे। उन्होंने बाजड़ हाईस्कूल के प्रधानाचार्य को प्राथमिक पाठशाला की निगरानी करने को कहा है।