दारामा घाटी के लिए बन रही सड़क में इस तरह किया जा रहा है डामरीकरण।
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धारचूला (पिथौरागढ़)। सीपीडब्ल्यूडी की ओर से सोबला से ढाकर तक सड़क बनाई जा रही है। इस सड़क पर वुर्थिंग के पास हो रहे डामरीकरण की गुणवत्ता पर लोगों ने सवाल उठाए हैं। दारमा घाटी के लोगों का कहना है कि डामरीकरण की गुणवत्ता खराब है। इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गांव से लौटे राम सिंह, दीवान सिंह, जयेंद्र फिरमाल आदि ने बताया कि सीपीडब्ल्यूडी ने पहले करीब 50 किमी लंबी सड़क का कार्य पूरा कर लिया है। अब सुरक्षा दीवार और डामरीकरण का कार्य किया जा रहा है।
सड़क के डामरीकरण में खराब निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। घटिया गुणवत्ता के कारण कई जगहों से डामर उखड़ने लगा है। वह लोग सीपीडब्ल्यूडी के सामने मामला रख चुके हैं।
इसके बाद भी गुणवत्ता नहीं सुधारी जा सकी है। दांतू प्रधान जमन सिंह दताल और सामाजिक कार्यकर्ता जयेंद्र सिंह फिरमाल ने बताया कि यह सड़क सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसलिए कार्यदायी संस्था को सही गुणवत्ता से डामरीकरण करना चाहिए।
दीलिंग दारमा सेवा समिति के महासचिव जगत सिंह दताल और कोषाध्यक्ष जीवन सीपाल ने संबंधित विभाग को पत्राचार कर गुणवत्ता में सुधार की मांग की है। उनका कहना है कि गुणवत्ता में सुधार न होने पर आंदोलन किया जाएगा।
सड़क में डामरीकरण किया जा रहा है। वह आधार स्तर का है। इसके बाद अंतिम चरण का कार्य होना है। इसके बाद ही डामरीकरण के मानक पूरे हो सकेंगे।
- वीरेंद्र कुमार, ईई, सीपीडब्ल्यूडी, धारचूला।