टकाना क्षेत्र की जागृति कॉलोनी में शनिवार रात डेढ़ बजे तेज आवाज के साथ हुए विस्फोट से एक दोमंजिला मकान दरक गया। निचले तल पर हुए विस्फोट से एक कमरे की दीवार ढह गई, जबकि दूसरे कमरों की दीवारों पर दरारें आई हैं। विस्फोट इतना तेज था कि आठ खिड़की-दरवाजे उखड़ गए। विस्फोट के बीच आए आग के भभकों से किराए पर रह रहे मां-बेटा आंशिक रूप से झुलस गए। दुर्घटना के बाद मकान मालिक और किराएदारों के परिवारों ने दहशत के बीच रात गुजारी। दुर्घटना में तीन लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। विस्फोट कैसे हुआ इसका पता नहीं चल पाया है।
चंद्र सिंह परिहार का टकाना की जागृति कॉलोनी में दोमंजिला मकान है, इसके ऊपर हिस्से पर चंद्र सिंह का परिवार और तीन अन्य किराएदार रहते हैं, जबकि निचले हिस्से पर फौजी दौलत सिंह धामी और लोनिवि कर्मी वीरेंद्र सिंह का परिवार रहता था। शनिवार रात डेढ़ बजे मकान के निचले तल पर तेज आवाज के साथ विस्फोट हुआ। लोनिवि कर्मी वीरेंद्र का सेट विस्फोट का केंद्र बिंदु रहा। धमाका इतना जबरदस्त था कि एक कमरे की पूरी दीवार दरक गई, जबकि दोनों सेटों में आठ दरवाजे और खिड़कियां उखड़ गई। विस्फोट से अन्य कमरों में भी दरारें आई। विस्फोट के बीच आए आग के भभकों से किराएदार वीरेेंद्र की पत्नी राधिका (28) और बेटा ऋषभ (12) आंशिक रूप से झुलस गए, जबकि छिटपुट समान भी आग से झुलस गया। दुर्घटना के बाद किराएदार परिवारों में चीख-पुकार मच गई।
इधर, तेज धमाके और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी जाग गए। घटना से मकान मालिक और किराएदारों का परिवार दहशत में आ गया। किराएदार धामी और सिंह के परिजनों ने सारी रात डर के बीच गुजारी।
रविवार सुबह विस्फोट की खबर फैलते ही क्षेत्रवासियों का मौके पर तांता लगा रहा। लोग विस्फोट को लेकर तरह-तरह के कयास लगाते रहे। इस बीच सूचना पर दल-बल के साथ पहुंचे कोतवाल ध्यान सिंह ने मौका मुआयना किया। मकान मालिक चंद्र सिंह ने बताया कि विस्फोट से मकान को तीन लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना की जांच की जा रही है।
एक किराएदार ने बदला घर, दूसरे ने ली संबंधी के घर शरण
इस घटना के बाद दहशत में आए किराएदार वीरेंद्र सिंह के परिवार ने स्टेडियम रोड पर दूूसरा मकान किराए पर ले लिया है, जबकि दौलत धामी के परिवार ने अपने एक स्थानीय संबंधी के घर पर शरण ली है। विस्फोट से निचला तल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। दोनों सेटों में रहने के लिए खिड़की-दरवाजे सलामत नहीं बचे। वीरेंद्र सिंह के सेट में ज्यादा नुकसान हुआ है। मकान मालिक चंद्र सिंह ने बताया कि जल्द ही मकान की मरम्मत कराई जाएगी।
आम तौर पर जमीन के अंदर से विस्फोट तब तक नहीं हो सकता जब तक जमीन के अंदर कोई विस्फोटक मौजूद न हो। गैस सिलिंडर या कोई अन्य विस्फोटक जमीन में दबा होने पर ऐसा हो सकता है। इस तरह का विस्फोट भूकंप, भूमिगत प्लेट टूटने से नहीं हो सकता क्योंकि भूकंप बहुत बड़े पैमाने पर आता है और उसका दायरा सैकड़ों किलोमीटर तक होता है। जानवर आदि जैविक वस्तुएं लंबे समय तक जमीन में दबे रहने से गैस बनने लगती है। ऐसे में यह गैस जमीन को फाड़ कर बाहर निकल सकती है। घटना स्थल को देखकर विस्फोट होने का कारण जाना जा सकता है, लेकिन प्रथमदृष्ट्या यह विस्फोट किसी बाहरी वस्तु से होने की आशंका है।
-प्रो. राजीव उपाध्याय, भूगर्भ वैज्ञानिक नैनीताल।