आंवलाघाट पेयजल योजना की पाइप से निकला पत्थर।
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पानी की कमी के लिए विवादों में आई 74 करोड़ लागत की आंवला घाट पेयजल योजना में एक नया मोड़ आ गया है। पेयजल निगम की जांच में पाइप लाइन में एक बड़ा सा पत्थर पाया गया। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार लाइन की जांच के दौरान शुक्रवार को पेयजल निगम के अधिकारियों को आंवलाघाट के पास लाइन में ब्लाकेज होने का पता चला। गैस कटर से पाइप लाइन को काटा गया तो पाइप के अंदर एक बड़ा सा पत्थर फंसा था। जिसे निकाल लिया गया। पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता आरएस धर्मशक्तू का कहना है कि इसी पत्थर के कारण लाइन बंद हो रही थी। बताया गया है कि पत्थर नॉन रिटर्निंग वॉल के नजदीक आंवलाघाट इंफिल्ट्रेशन वॉल से 100 मीटर ऊपर फंसा था।
यह मामला शनिवार को सोशल मीडिया में छाया रहा। भाजपा के लोग इसे असामाजिक तत्वों की शरारत बता रहे हैं। शनिवार को भाजपा जिला उपाध्यक्ष गोविंद महर के नेतृत्व में जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में प्रकरण की जांच कराने की मांग की। इनका कहना था कि पेयजल योजना के पाइपों में पत्थर डालकर योजना को बाधित करने का प्रयास किया है। जिससे जिला मुख्यालय की जनता को पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। डीएम सी रविशंकर ने बताया कि प्रकरण की जांच के लिए एडीएम की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी में पुलिस उपाधीक्षक शेखर सुयाल, पेयजल निगम के चीफ इंजीनियर राजेश्वर प्रसाद, जल संस्थान नैनीताल के महाप्रबंधक एसके पांडे, अभियांत्रिक डिवीजन हल्द्वानी के एसई कर्ण सिंह शामिल हैं। जांच कमेटी 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।