पूर्णागिरि/टनकपुर (चंपावत)। शारदीय नवरात्र में शक्तिपीठ मां पूर्णागिरि धाम में पूरे 24 घंटे श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। अब बुधवार से धाम के कपाट सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक खुले रहेंगे। मंदिर समिति ने बताया कि देर रात से ही यह व्यवस्था शुरू कर दी है। इधर, दशमी को भी सुबह के समय अधिक संख्या में मां के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचे और शीश नवाए।
बता दें कि शारदीय नवरात्र के पहले दिन से ही धाम में श्रद्धालुओं के उमड़ने से माहौल भक्ति में डूबा हुआ है। मंदिर समिति की ओर से मंदिर में स्वयंसेवक भी तैनात किए गए हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। धाम में वर्ष भर श्रद्धालुओं की बेहतर सुविधा के लिए कार्य तेजी से हो रहे हैं। इधर, मंगलवार को धाम में श्रद्धालुओं का मां के दर्शन को आना जारी रहा। मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी ने बताया कि अब पुरानी व्यवस्था सुबह छह से रात आठ बजे तक ही मां के दर्शन हो सकेंगे।
धूनी स्थल पर भंडारे के साथ श्रीमद्भागवत कथा का समापन हुआ
पूर्णागिरि (चंपावत)। बिल्वेश्वर महादेव मंदिर धुनी स्थल में श्रीमद्भागवत कथा का भंडारे के साथ समापन हुआ। हवन यज्ञ और भंडारे में खासी तादाद में लोग उमड़े। कथा में कथा वाचक पंडित गिरीशानंद शास्त्री ने कुमाऊंनी भाषा में श्रीमद्भागवत कथा सुनाई। इस मौके पर कमलापति पांडेय, प्रकाश पांडेय, मनोज पांडेय, रमेश तिवारी, पूरन तिवारी, ग्राम प्रधान पंकज तिवारी, दयानंद पांडेय, सोनू पांडेय, कैलाश पांडेय, मनोज तिवारी, मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी, ज्येष्ठ प्रमुख भुवन चंद्र पांडे, राजेंद्र तिवारी, मोहन पांडेय, सचिव सुरेश तिवारी, कोषाध्यक्ष नवीन तिवारी आदि मौजूद रहे।