धारचूला के रं म्यूजियम में अस्कोट-आराकोट यात्रा के सदस्य। संवाद
धारचूला (पिथौरागढ़)। अस्कोट-आराकोट यात्रा का पांगू से शनिवार की रात नौ बजे धारचूला पहुंचने रं कल्याण संस्था और म्यूजियम टीम ने स्वागत किया। टीम के सदस्यों ने रात्रि विश्राम गर्ब्यांग मिलन केंद्र में किया। इस दौरान पर्यावरण, स्थानीय संस्कृति और पलायन सहित तमाम मुद्दों पर चर्चा भी हुई।
रविवार को रं कल्याण संस्था के पदाधिकारियों ने टीम को हरी झंडी दिखाकर आगे की यात्रा के लिए रवाना किया। संस्था इकाई के अध्यक्ष दीपक रोंकली ने बताया कि यात्री 15 किमी की पैदल दूरी तय कर रात्रि विश्राम गो घाटीबगड़ के मिलन केंद्र में करेंगे। इतिहासकार शेखर पाठक और उनकी टीम ने सम्मान और सहयोग के लिए ग्राम पंचायत पांगू और रं कल्याण संस्था का आभार जताया।
रं म्यूजियम में कार्यक्रम के दौरान पूर्व चेयरमैन अशोक नबियाल, कृष्णा गर्ब्याल, चंद्र सीपाल, रितेश गर्ब्याल, अंकिता ओझा समेत कई लोग मौजूद रहे। उधर पांगू में रं संस्था के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष चंद्र सिंह नपलच्याल, अमृता ह्यांकी, डॉ. रवि पतियाल, राम सिंह ह्यांकी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ढोल नगाड़ों के साथ यात्रा का स्वागत किया। अस्कोट-आराकोट यात्रा 45 दिन तक चलेगी। इस दौरान यात्री 1100 किमी की पैदल यात्रा करेंगे। यात्रा दल में 49 सदस्य शामिल हैं। संवाद
फोटो 26 पीटीएच 05 पी- धारचूला के रं म्यूजियम में अस्कोट-आराकोट यात्रा के सदस्य। संवाद