डीडीहाट (पिथौरागढ़)। शीतकाल में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात होते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। चीन सीमा की निगहबानी के लिए वायुसेना के लड़ाकू विमान उड़ान भरने लगे हैं।
भारत-चीन सीमा की सुरक्षा के लिए भारतीय सेना सहित अर्द्ध सैनिक बलों के जवान वर्ष भर मुस्तैद रहते हैं। अक्तूबर मध्य के बाद से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात शुरू हो जाता है। कई फुट बर्फ जमा होने से सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों के लिए भारत-तिब्बत की अंतिम सीमा तक पहुंच पाना काफी मुश्किल भरा हो जाता है। ऐसे में वायु सेना लड़ाकू विमानों से सीमाओं की सुरक्षा का कार्य करती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुनस्यारी और धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात होने लगा है। इसको देखते हुए सुरक्षा एजेंसी चौकस हो गई हैं। मुनस्यारी के मिलम दुंग और धारचूला के लीपूपास सीमा पर हिमपात के साथ ही कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। ऐसे में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने आसमान से भी सीमाओं की टोह लेनी शुरू कर दी है। शुक्रवार को भी एक विमान ने सीमा के निकट तक उड़ान भरी। इस सप्ताह दो बार आसमान में जेट फाइटर देखा जा चुका है।