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पूर्वाभ्यास ऐसा कि मानो असल में भूकंप आ गया हो

Thu, 11 Feb 2016 10:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,पिथौरागढ़
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भूकंप के पूर्वाभ्यास में सरकारी तंत्र की सक्रियता ऐसी दिखी कि मानो असल में भूकंप आ गया हो। मॉकड्रिल में 7.2 तीव्रता के भूकंप को आधार मानकर राहत, बचाव की रिहर्सल की गई। इसके लिए पांच स्थान चिन्हित किए गए थे।
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मॉकड्रिल के तहत बृहस्पतिवार सुबह 9.38 बजे पिथौरागढ़ में भूकंप का भारी झटका महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.2 आंकी गई। भूकंप का केंद्रबिंदु बागेश्वर के कपकोट में बताया गया।

भूकंप आने की सूचना मिलते ही पुलिस लाइन, नगरपालिका कार्यालय, आपदा कंट्रोल रूम में स्थापित सायरन बज उठे। इसके तत्काल बाद आपदा परिचालन केंद्र में स्थापित 7 डेस्क प्रणाली में तैनात अधिकारी, कर्मचारी पुलिस लाइन में एकत्र हो गए।
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जिलाधिकारी एचसी सेमवाल, पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा, सीडीओ विनोद गोस्वामी भी पुलिस लाइन पहुंच गए। जिलाधिकारी ने 5 टीमों का गठन कर उन्हें मॉकड्रिल के लिए चिन्हित स्थल जीजीआईसी पिथौरागढ़, गांधीचौक, विकास भवन, पूल्ड आवास कालोनी और इग्यारदेवी अस्पताल को रवाना किया।

 प्रत्येक टीम में एक इंसीडेंट कमांडर, एक आपरेशन अधिकारी, एक प्लानिंग अधिकारी, एक लाजिस्टिक अधिकारी, ऑबजर्वर के रूप में एक-एक आर्मी अधिकारी और पुलिस, आईटीबीपी, एसएसबी के जवान, राहत टीम, मेडिकल टीम को राहत, बचाव के लिए भेजा गया।

सभी टीमें सुबह 10.18 बजे घटनास्थल को रवाना हो गए। सुबह 10.12, 10.18, 11.30 बजे फिर से भूकंप के झटके महसूस होने की सूचना प्रसारित की गई। राहत बचाव के लिए दो हेलीकाप्टर के साथ ही फोर्स की मांग शासन से की गई।

मॉकड्रिल में दिखाया गया कि भूकंप से 25 लोग मारे गए। दो मृतकों की पहचान नहीं हो पाई। 67 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। 8 गंभीर घायलों को हायर सेंटर रेफर किया गया। 113 लोग आंशिक रूप से घायल हो गए।

 418 मकान पूर्ण ध्वस्त, 1585 मकान आंशिक क्षतिग्रस्त, 190 मकानों को तीक्ष्ण क्षति पहुंची। 1035 लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया गया। 5033 पशु मारे गए। 90 दुकानें क्षतिग्रस्त हुईं। 94 लाख 68 हजार 350 रुपए की धनराशि प्रभावितों को बांटी गई।

असली भूकंप आने पर प्रशासनिक तंत्र कितना सजग रहता है, यह तो समय बताएगा लेकिन नकली भूकंप के पूर्वाभ्यास के दौरान शहर के नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

मॉकड्रिल के समय वाहनों से दफ्तर, बाजार को आने लोगों को बैंक रोड समेत तमाम रोडों में जाने से रोका गया। इसके लिए बाकायदा पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। मॉकड्रिल के समय यातायात रूट डायवर्ट करने की वजह समझ में नहीं आई।
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