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युवती की आत्महत्या के मामले में फौजी को पांच वर्ष का कठोर कारावास

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Army personnel punished in girl's suicide case
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पिथौरागढ़। युवती के आत्महत्या करने के मामले में जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा ने सैन्य कर्मी को पांच साल के कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से 25 हजार रुपया मृतका के परिवार को बतौर प्रतिकर दिया जाएगा।
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वर्ष 2016 में गंगोलीहाट के एक गांव निवासी युवती ने फंदे से लटककर जान दे दी थी। मामले में मृतका के परिजनों ने गंगोलीहाट थाने में तहरीर सौंपी थी, जिसमें कहा कि सैन्य कर्मी हृदेश उर्फ हितेश कुमार टम्टा खनात बेड़ीनाग ने बेटी को झूठे प्रेमजाल फंसाया। हृदेश के दूसरी जगह शादी करने के बाद से बेटी मानसिक रूप से परेशान रहने लगी और उसने खुदकुशी कर ली। इस पर गंगोलीहाट थाने में आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रेम सिंह ने पैरवी की।
मृतक की पत्नी को किया न्यायालय में पेश
पिथौरागढ़। भाटकोट स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में कैंटीन चलाने वाले युवक की संदिग्ध अवस्था में मौत के बाद पुलिस ने मृतक सुमित सिंह की पत्नी मनीषा को कोर्ट में पेश किया। बीते दिन पुलिस टीम मृतका की पत्नी को पूछताछ के बागेश्वर से पिथौरागढ़ लाई थी। युवक की मौत के बाद परिजनों ने कोतवाली में हंगामा काटा था। इसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी के खिलाफ आईपीसी की धारा302 में मुकदमा पंजीकृत किया था। सीओ आरएस रौतेला का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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