थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने शुक्रवार को पिथौरागढ़ जिले से लगी चीन और नेपाल सीमा का हवाई दौरा किया। सीमा पर चीन के साथ चल रही तनातनी और नेपाल के साथ संबंधों में तल्खी के बाद यह पहला मौका है जब थल सेनाध्यक्ष ने लिपुलेख, नाभीढांग और कालापानी क्षेत्र का दौरा किया है।
चीन सीमा का निरीक्षण करने के लिए थल सेनाध्यक्ष जनरल नरवणे बृहस्पतिवार को ही पिथौरागढ़ आ गए थे। बृहस्पतिवार को उन्होंने पिथौरागढ़ सेना ब्रिगेड मुख्यालय में रात्रि विश्राम किया था। शुक्रवार सुबह 7:30 बजे उन्होंने हेलीकॉप्टर से चीन और नेपाल सीमा पर स्थित कालापानी, नाभीढांग का दौरा किया। दोनों देशों से लगी सीमाओं का जायजा लेने के बाद 9:30 बजे उनका हेलीकॉप्टर वापस पिथौरागढ़ सेना 6 ब्रिगेड लौटा।
लगभग आधे घंटे बाद वे हेलीकॉप्टर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। बता दें कि लद्दाख में भारतीय सीमा पर घुसपैठ की कोशिश कर चुके चीन ने अपने एक हजार सैनिक लिपुलेख के पास अपनी सीमा पर तैनात किए हैं। ड्रेगन की हरकतों को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह से अलर्ट हैं।
कड़ाके की ठंड के बावजूद भारतीय सैनिक सीमा सुरक्षा को लेकर उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित पोस्टों में चौबीस घंटे गश्त कर रहे हैं। इसके अलावा भारत ने जब से लिपुलेख तक सड़क बनाई है नेपाल के सुर भी बदले हुए हैं।
नेपाल भी भारतीय सीमा पर नए बार्डर आउट पोस्ट खोलकर अपनी सैन्य क्षमता बढ़ा रहा है। चीन से चल रही तनातनी और नेपाल से रिश्तों में तल्खी के बाद चीन और नेपाल सीमा पर भारत के थल सेनाध्यक्ष का यह दौरा अहम माना जा रहा है।