झूलाघाट (पिथौरागढ़)। सीमांत के व्यापारियों ने नेपाल से आने वाले लोगों की कोरोना जांच बंद करने की मांग की है। पुल पर जांच और तीन दिन पहले की कोविड निगेटिव रिपोर्ट के बाद ही भारत में प्रवेश दिया जा रहा है।
इस कारण झूलाघाट बाजार पूरी तरह ठप हो गया है। व्यापारियों ने झूलापुल पर आवाजाही करने वालों की जांच न करने की मांग की है।
डेढ़ माह पहले झूलाघाट में एक साथ 18 लोगों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद कंटेनमेंट जोन बनाया गया था। तब से नेपाल से भारत आने वालों को भारत में सीमा पुल पर इमरजेंसी में 72 घंटे पहले की कोविड रिपोर्ट लाना अनिवार्य कर दिया गया।
मामले कम होने के बाद अब धीरे-धीरे सरकार प्रत्येक सप्ताह कर्फ्यू में ढील देती जा रही है। झूलाघाट का बाजार भी खुलने लगा है। 22 जून के बाद बाजार पूरी तरह खुलने की उम्मीद है।
ऐसे में नेपाल के लोग झूलाघाट नहीं आ पाएंगे। व्यापारियों ने झूलाघाट सीमा पुल पर नेपाल से आने वालों की कोविड जांच बंद करने की मांग की है। वर्तमान में नेपाल के बैतड़ी जिले में 150 और पिथौरागढ़ में 344 कोरोना के सक्रिय मामले हैं।
व्यापारियों ने प्रशासन से सीमा पुल नेपाल से आने वालों की स्क्रीनिंग करने की मांग की है। झूलाघाट कस्बा कोरोना के पहले चरण में आठ माह तक पहले भी बंद रहा है। जिस कारण लोगों का काफी नुकसान हुआ है।
कोरोना के घटते मामलों के बाद सीमा पर भी ढिलाई देनी चाहिए। सीमा पुल पर लक्षण वाले व्यक्तियों की एंटीजन जांच की जाए। संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
- डिगर देव गड़कोटी, रेडीमेड व्यापारी, झूलाघाट।
घटते मामलों को देखते हुए सरकार हर जगह ढील दे रही है। पुल पर भी सामान्य आवाजाही होनी चाहिए। उन्होंने होटल में रेस्तरां को भी अन्य व्यापार की तरह छूट देना चाहिये।
- संजू पंगरिया, होटल व्यवसायी, झूलाघाट।