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कोई भी दावेदार अपनी कार्ययोजना को स्पष्ट नहीं कर पाया

Wed, 08 Feb 2017 10:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
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डीडीहाट में अमर उजाला की चुनाव परिचर्चा में शामिल लोग - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला की चुनावी परिचर्चा में शामिल लोगों का कहना है कि कोई भी दावेदार अपनी कार्ययोजना को स्पष्ट रूप से सामने नहीं रख पाया। यह दुर्भाग्य की बात है कि 2012 से शुरू हुई पेयजल योजना का निर्माण अब तक नहीं हो पाया है। जिला गठन की बात इस तरह उलझ गई है कि अब किसी भी राजनीतिक दल पर यकीन नहीं होता। सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। डीडीहाट को मुनस्यारी से जोड़ने वाली सड़क ठंडे बस्ते में है।
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लोग तो यह भी चाहते हैं कि विकास के काम न कर पाने वाले विधायक को वापस बुलाने की व्यवस्था होनी चाहिए। रोजगार, गांवों की गरीबी, जंगली जानवरों का आतंक, आपदा के कारण तबाह हो रहे गांव, लगातार बढ़ रहे पलायन पर प्रतिनिधियों को स्पष्ट सोच रखने की जरूरत है। यदि चुनाव को सिर्फ अपने हित साधन का ही जरिया मानकर दावेदार चल रहे हों तो यह अच्छी बात नहीं है। राज्य गठन के बाद तो इस क्षेत्र में समस्याओं के समाधान की रफ्तार बेहद धीमी हो गई। शिक्षा, चिकित्सा, यातायात, पेयजल के बुनियादी मुद्दों का हल नहीं निकल पाया। चुनाव में कोई भी दावेदार न तो इन मुद्दों को अपने एजेंडे में शामिल करता है और न समाधान की कोई उम्मीद नजर आती है।

सबसे पहले स्वास्थ्य सेवा सुधारें
क्षेत्र के अस्पतालों में कोई सुविधा नहीं है। लोगों को मालूम है कि अस्पताल जाने का सीधा सा मतलब है कि रेफर कर दिया जाएगा। विधायक को सबसे पहले अस्पतालों की दशा सुधारने के लिए संकल्प लेना चाहिए। 
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-मीनाक्षी पंत, गृहणी।

महिला सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं
विधायक महंगाई को दूर करने का प्रयास करे और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए। पहाड़ पर अपराधों का बोलबाला बढ़ रहा है। महिलाओं में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। 
-मंजू बोरा, गृहणी।

अगले चुनाव तक सारे मुद्दे हल हो जाएं
स्थानीय विकास के लिए पर्यटन को मुख्य आधार बनाकर काम करना चाहिए। लोगों को उनकी मूलभूत सुविधा से वंचित न किया जाए और यह कोशिश की जाए कि अगले चुनाव तक प्रमुख मुद्दे हल हो जाएं। 
-डीएस पांगती, पूर्व प्राचार्य डायट। 

छोटे मुद्दों के लिए आंदोलन कब तक
यह बेहद चिंताजनक बात है कि आजादी के 70 साल के बाद भी यहां के लोग पानी, स्वास्थ्य, सड़क जैसी बातों के लिए आंदोलन की राह पकड़ रहे हैं। अब तो छोटे मुद्दों को आंदोलन का कारण नहीं होना चाहिए।
-गोपाल सिंह पंवार, पूर्व सैनिक। 

नए पर्यटन स्थल विकसित किए जाएं
नए पर्यटन स्थलों का विकास किया जाए। उससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। अब तक पर्यटन विकास का न तो खाका तैयार हुआ और न इस दिशा में कोई पहल की गई। विकास के लिए रोजगार को केंद्र में रखा जाए। 
-गंभीर सिंह चौहान, व्यापारी। 

शिक्षा को बढ़ाने की नीति बने
पहाड़ पर अगर लोगों को बनाए रखना है तो आने वाली सरकार को शिक्षा और स्वास्थ्य पर सबसे पहले काम करना होगा। पहाड़ को शिक्षा के क्षेत्र में विकसित किया जाए और रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं। 
-चंदर सिंह टोलिया, पूर्व अध्यापक। 

रोजगार के लिए जिले का गठन जरूरी
जिले का गठन होते ही डीडीहाट विकास की राह पर आगे बढ़ जाएगा। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावना भी जिला गठन के बाद ही बढ़ेगी। विधायक सबसे पहले जिले का गठन करे। 
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-राकेश पैन्यूली, समाजसेवी। 
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