पिथौरागढ़। आंवलाघाट पेयजल योजना के विस्तार के लिए पिछले साल भेजे गए प्रस्ताव को हरी झंडी का इंतजार है। शासन की अनुमति मिलने के बाद योजना से नगर और आसपास के गांव की आबादी 12 एमएलडी पानी मिलने लगेगा। भविष्य की जरूरत को देखते हुए एडीबी और पेयजल निगम ने इस प्रस्ताव को बनाकर पिछले साल भेजा था।
आंवलाघाट में रामगंगा नदी से 79 करोड़ की लागत से लिफ्ट पेयजल योजना का निर्माण किया गया है। इसमें तीन कुओं का निर्माण किया गया। योजना से नगर की आबादी के हिसाब से करीब नौ एमएलडी पानी मिल रहा है जबकि आबादी के हिसाब से 12 एमएलडी पानी की जरूरत है। पेयजल आपूर्ति बढ़ाने के लिए पेयजल निगम ने चौथे कुएं के निर्माण के लिए पिछले साल शासन को शहरी विकास योजना के तहत प्रस्ताव भेजा है लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिल सकी है।
शहरी विकास योजना से आंवलाघाट पेयजल योजना के विस्तारीकरण का प्रस्ताव पिछले साल शासन को भेजा गया था। भविष्य में शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए इसका प्रस्ताव बनाया गया है। प्रस्ताव को संस्तुति मिलने के बाद काम शुरू किया जाएगा। यह योजना बनने के बाद आंवलाघाट योजना से 12 एमएलडी पानी मिलने लगेगा।
- आरएस धर्मशक्तू, पेयजल निगम, पिथौरागढ़।
आपदा से हुए नुकसान की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
चंपावत। डीएम विनीत तोमर ने बुधवार को जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने अधिकारियों से कहा कि लक्ष्य के सापेक्ष कार्यों को समय सीमा के तहत पूरा करें। उन्होंने कुछ योजनाओं में सापेक्ष प्रगति न होने पर नाराजगी जताई। कहा कि बकाया राशि को भी 10 मार्च तक खर्च करें।
डीएम ने कहा कि अक्तूबर 2021 में आई आपदा से हुए नुकसान की रिपोर्ट तुरंत प्रस्तुत करें, जिससे उनकी आपदा मद से भरपाई की जा सके। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों की डीपीआर तैयार की जाए एवं जिन कार्यों की डीपीआर तैयार हो गई है एवं जिनमें कार्य शुरू कर दिया गया है, उनकी रिपोर्ट को उनकी भौतिक प्रगति के साथ प्रस्तुत करें। उन्होंने इस दौरान ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन के तहत किए गए कनेक्शन की स्थिति की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस दौरान सीडीओ राजेंद्र सिंह रावत, जल संस्थान के ईई बिलाल यूनुस, जल जीवन मिशन के ईई वीके पाल, एई परमानंद पुनेठा, चंद्रशेखर पंत, जेई महेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।