मानव तस्करी, बाल विवाह, बाल मजदूरी के मामलों के लिए अब हल्द्वानी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट पिथौरागढ़ में खुल गई है। यह कुमाऊं की तीसरी यूनिट है। पिथौरागढ़ में स्थापित यूनिट इस जिले के साथ ही बागेश्वर जिले के मामले भी देखेगी। कुमाऊं में दो अन्य यूनिट हल्द्वानी और बनबसा में हैं। अब तक यहां के मामले हल्द्वानी की यूनिट देखती थी।
पिथौरागढ़ की यूनिट ने यहां काम संभाल लिया है। कोतवाली परिसर में ही यूनिट का कार्यालय स्थापित किया गया है। उप निरीक्षक बलवीर सिंह राणा को यूनिट का प्रभारी बनाया गया है। यूनिट में एक हेड कांस्टेबल, दो कांस्टेबल तैनात किए गए हैं। पिथौरागढ़ जिले के नेपाल की सीमा से सटा होने के कारण यहां मानव तस्करी का काफी अंदेशा है। इसको देखते हुए लंबे समय से यहां एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
यूनिट के प्रभारी राणा ने बताया कि यूनिट मानव तस्करी के साथ ही बाल विवाह, बंधुवा मजदूरी, बाल मजदूरी, सेक्स रैकेट, महिलाओं की खरीदफरोक्त के मामले देखेगी। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक आरएल शर्मा के निर्देशन में पिथौरागढ़ की यूनिट ने कार्य प्रारंभ कर दिया है। इस तरह के मामलों पर नजर रखी जा रही है। अब तक इस तरह का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने लोगों से इस तरह के मामले संज्ञान में आने पर मोबाइल नंबर 8476974972 पर सूचित करने की अपील की है