हड़ताली इंजीनियरों में सरकार के रवैए को लेकर सख्त नाराजगी है। हड़ताल के नौ दिन होने के बाद भी मांगों पर कोई पहल न किए जाने से इंजीनियर अब आंदोलन तेज करने की तैयारी में हैं। आवश्यक सेवाओं से जुड़े सभी विभागों के इंजीनियरों को भी हड़ताल में शामिल किया जा रहा है। 11 दिसंबर से जल संस्थान के इंजीनियर भी हड़ताल में शामिल होेंगे। डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने टकाना स्थित संघ भवन में एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। तमाम संगठनों की ओर से आंदोलन को लगातार समर्थन मिल रहा है। जिला ट्रेड यूनियन समन्वय समिति के अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी, कुमाऊं मंडल विकास निगम कर्मचारी यूनियन के आनंद पाठक ने आंदोलन को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया।
धरना स्थल पर हुई सभा में इंजीनियरों ने कहा कि सरकार आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए खुद दोषी है। यदि सरकार पहले ही इंजीनियरों की मांगों को मान लेती तो आंदोलन की जरूरत नहीं पड़ती। सभा में एलपी जोशी, अमरनाथ जुकरिया, दिनेश जोशी, कमलकांत जोशी, दिनेश गिरिराज, एनएस मलड़ा, सीएम पांडे, रुचि जंगपांगी, तनुजा तिवारी, गुंजन बोरा, वंदना ठाकुर, वंदना रावत, पीआर खर्कवाल, भगवान सिंह, हरीश कनवाल, जिलाध्यक्ष प्रकाश जोशी, प्रदीप नेगी आदि ने विचार रखे।