धारचूला (पिथौरागढ़) । दारमा घाटी के तिदांग, सीपू, मार्छा जाने वाले स्थानीय लोगों, श्रमिकों को आईटीबीपी की ओर से ढाकर में रोके जाने से क्षेत्र में रोष है। इस संबंध में उप जिलाधिकारी मंजीत सिंह ने 30 मई को प्रात: 11 बजे से बैठक का आयोजन किया है।
राज्य जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष अशोक सिंह नबियाल ने इस संबंध में प्रशासन को जानकारी दी थी कि व्यास घाटी को ही नोटिफाइड क्षेत्र घोषित किया था। छियालेख से आगे जाने के लिए इनर लाइन पास की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा था कि आईटीबीपी की ओर से दारमा घाटी में जाने वाले स्थानीय लोगों को ढाकर में रोका जा रहा है। एसडीएम ने इस संबंध में 36 वीं वाहिनी आईटीबीपी लोहाघाट, सीओ, दीलिंग दारमा समिति और रं कल्याण संस्था के पदाधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया है। संवाद