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1और सीएचसी से पीएचसी बना कनालीछीना का अस्पताल

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कनालीछीना (पिथौरागढ़)। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के हाल बेहाल हैं। एक ओर जहां स्वास्थ्य महकमा आए दिन सीटी स्कैन, प्लाज्मा कंपोनेंट समेत कई तरह की मशीनरियों से मजबूत हो रहा है। मगर 10 साल तक सीएचसी रहा कनालीछीना एक साल पहले डिमोशन हो गया है। अब वहां पर फिर से पीएचसी का बोर्ड लगा दिया गया है। चार बेड वाले इस अस्पताल में जांच की कोई सुविधा नहीं है।
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वर्ष 2010 में कनालीछीना सीएचसी का तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने लोकार्पण किया था। इसके बाद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिलने की उम्मीद दी। स्वास्थ्य विभाग ने भी उच्चीकरण के बाद शासन को पत्र भेजकर डॉक्टर और अन्य उपकरण की मांग के लिए पत्र भेजता रहा। क्षेत्रवासी भी उच्चीकरण के बाद सीएचसी में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनात की मांग करते रहे। मगर उच्चीकरण के लिए शासन से स्वीकृति नहीं मिलने पर 2020 में सीएचसी का बोर्ड निकालकर अस्पताल में पीएचसी का बोर्ड लगा दिया गया। 10 साल तक सिर्फ सीएचसी के सपने देखकर लोग प्राथमिक स्वास्थ्य लाभ लेते रहे। अस्पताल पर 40 हजार से अधिक की आबादी निर्भर है। इसके अलावा नेपाल क्षेत्र के लोग भी उपचार के लिए यहां आते हैं। मगर प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को पिथौरागढ़ ही रेफर करना पड़ता है।
खून संबंधी जांच की सुविधा नहीं
कनालीछीना (पिथौरागढ़)। 10 साल तक सीएचसी होने के बाद भी अस्पताल में खून, पेशाब और अन्य जांचों की कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके लिए मरीजों को पिथौरागढ़ या हल्द्वानी रेफर करना पड़ता है। विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने के कारण गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है।
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पीएचसी में पेशाब, खून और अन्य जांचों के लिए मरीजों को पिथौरागढ़ और हल्द्वानी जाना पड़ता है। विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने के कारण मरीजों का रेफर ही करना पड़ता है। यहां पर उपचार के लिए नेपाल क्षेत्र के लोग भी आते हैं। यहां पर तीन डॉक्टर और स्टॉफ नर्स तैनात है।
डॉ. आरएस श्रीवास्तव ने पर्याप्त स्टॉफ है।
कई बार सीएचसी उच्चीकरण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया। मगर शासन से उच्चीकरण को स्वीकृति नहीं मिलने के बाद इसे फिर से पीएचसी बना दिया गया है।
डॉ. एचसी पंत, सीएमओ
नवनियुक्त मुख्यमंत्री कनालीछीना ब्लॉक से तालुक रखते हैं। उनके सामने कनालीछीना अस्पताल का मामला रखा जाएगा। उम्मीद है गृह क्षेत्र होने के नाते मुख्यमंत्री इसका संज्ञान लेंगे।
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रमेश चंद्र पांडे, भाजपा नेता
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