मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। घर पहुंचने की जल्दबाजी में मुख्य रास्ता छोड़कर शॉर्टकट अपनाना दरपान को भारी पड़ गया। रविवार देर शाम भालूखोल्टा के पास उफनते गधेरे को पार करते समय वह तेज बहाव की चपेट में आ गए और बह गए। सोमवार को घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर बोल्डरों के बीच उनका शव बरामद हुआ। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
विकासखंड बूंगा निवासी 60 वर्षीय दरपान सिंह रविवार शाम बाजार से अपने घर लौट रहे थे। बताया गया कि जल्द घर पहुंचने के लिए उन्होंने मुख्य रास्ते के बजाय लंबे समय से उपयोग में नहीं आ रहे शॉर्टकट रास्ते को चुना। भालूखोल्टा के पास रास्ते में उफन रहा गधेरा पड़ा। इसे पार करने के दौरान वह अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गए और देखते ही देखते पानी में बह गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंची। अंधेरा होने के कारण रविवार रात तक चले खोज अभियान में उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। सोमवार सुबह दोबारा रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। टीम ने घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर बोल्डरों के बीच उनका शव बरामद कर लिया। हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
बरसात में नदी-नालों से दूरी जरूरी
-बरसात के मौसम में उफनते नदी-नालों और गधेरों को पार करने की कोशिश न करें।
-सुरक्षित पुल या निर्धारित रास्ता उपलब्ध हो तो शॉर्टकट का इस्तेमाल न करें।
-बच्चों और बुजुर्गों को बरसाती नदी-नालों के आसपास अकेले न जाने दें।
-बारिश के दौरान पैदल या वाहन से तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश न करें।
-पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने या भारी बारिश की सूचना हो तो नदी-नालों के आसपास जाने से बचें।
-पानी का स्तर बढ़ता दिखे तो तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर चले जाएं।
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शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। घटनास्थल से ठीक ऊपर एक पक्का पुल बना हुआ है जिसका इस्तेमाल सभी ग्रामीण करते हैं। यदि बुजुर्ग ने सुरक्षित पुल वाले रास्ते का उपयोग किया होता तो यह हादसा टल सकता था।
-उमेश मलिक, पुलिस क्षेत्राधिकारी