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लोगों के एलान से घबराया सरकारी अमला नामिक पहुंचा

Sat, 18 Jun 2016 10:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी
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लोगों को लिखित समझौते की कापी सौंपते डीएम सेमवाल - फोटो : अमर उजाला
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हिमालय की तलहटी पर बसे नामिक के लोगों के सड़क समेत तमाम मांगों को लेकर 20 जून को नामिक से जिला मुख्यालय तक 165 किमी लंबी मौन पदयात्रा निकालने के एलान के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने नामिक में जनता दरबार लगाकर सड़क, संचार समेत कई मांगों पर गांव के लोगों को लिखित आश्वासन दिया है। सितंबर से गोगिना (बागेश्वर) से नामिक के लिए सड़क बनाने की बात तय हुई है। जनता दरबार लगाने के लिए पहुंचे डीएम समेत कई अफसरों को शुरुआत में ग्रामीणों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। नामिक के एक युवा दिव्यांग ने तय समय में सड़क का काम शुरू न होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। लोगों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत पर नामिक के साथ ठगी करने का आरोप लगाया। डीएम ने नामिक की समस्याओं का निराकरण कराने की जिम्मेदारी सीडीओ आशीष कुमार चौहान को सौंपी है।
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शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे जिलाधिकारी एचसी सेमवाल, एसपी रोशन लाल शर्मा, सीडीओ आशीष चौहान समेत कई आला अधिकारी नामिक पहुंच गए। क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह, सरपंच मान सिंह समेत गांव के लोग जनता दरबार का विरोध करने लगे। लोगों का सवाल था कि क्या नामिक के लोग इस देश के नागरिक नहीं हैं, तो क्यों नहीं गांव के लोगों को अब तक सरकारी सुविधाओं का लाभ मिला। क्यों नहीं गांव के लिए सड़क बनी, क्यों नहीं नामिक के लोगों को संचार, स्वास्थ्य सेवा दी जा रही है। क्यों नहीं आज से पहले नामिक में जनता दरबार लगाने की याद जिला प्रशासन को आई। मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2014 में नामिक आकर नामिक के लिए सड़क बनाने की घोषणा की थी, जो झूठी साबित हुई है। उन लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए 27 किमी पैदल चलना पड़ता है।

जिलाधिकारी समेत तमाम आला अधिकारियों ने नामिक के लोगों को समझाया। डीएम ने लोनिवि डीडीहाट के अधिशासी अभियंता पीसी जोशी गोगिना से नामिक के लिए स्वीकृत 6.5 किमी सड़क में काम करने का समय लिखित में देने को कहा। ईई ने 17 सितंबर 2016 से सड़क का काम शुरू करने का लिखित आश्वासन दिया। होकरा-नामिक पीएमजीएसवाई से स्वीकृत सड़क निर्माण के बारे में पीएमजीएसवाई डिवीजन के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णावाल ने बताया वन भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। इस सड़क का भी निर्माण होगा। दिव्यांग उत्तम सिंह (25) ने अफसरों के सामने तय समय में सड़क का काम शुरू न होने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दे डाली। 
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डीएम ने कहा नामिक में आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से सोलर सिस्टम फोन लगाया जाएगा। इसके संचालन के लिए बीएसएनएल अल्मोड़ा के अधिकारियों से से बात की जाएगी। नामिक के लोगों को छात्रवृत्ति और पेंशन पूर्ववत पोस्टआफिस के माध्यम से मिलेगी। डीएम ने नामिक हाईस्कूल में शिक्षकों की तैनाती कराने की बात कही। हाईस्कूल में मात्र एक शिक्षक कार्यरत है। लोनिवि को गोगिना-नामिक झूलापुल की एक सप्ताह में मरम्मत करने के निर्देश दिए। पेंशन से वंचित 4 लोगों की एक सप्ताह में पेंशन स्वीकृत करने, एक मूक बालक  पंकज (15) पुत्र पुष्कर सिंह की पढ़ाई की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। उसके पिता 15 साल से लापता हैं। डा. हेमंत मर्तोलिया के नेतृत्व में मरीजों का इलाज किया गया। स्वास्थ्य महकमे ने महिलाओं, बच्चों का टीकाकरण किया। पशुपालन, उद्यान विभाग आदि ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। दोपहर दो बजे तक शिविर चला। शिविर में एसडीएम वैभव गुप्ता, खंड विकास अधिकारी श्याम चंद, हाईस्कूल के प्रधानाचार्य भगवान सिंह जैम्याल, लीड बैंक के बहादुर सिंह धर्मशक्तू आदि अधिकारी मौजूद थे।  

डेढ़ महीने से बंद बिजली परियोजना हुई चालू
नामिक की 50 किलोवाट की बिजली परियोजना डेढ़ महीने से खराब पड़ी थी। अक्षय ऊर्जा विभाग नामिक के लोगों की सुध नहीं ले रहा था। ग्रामीणों के एलान से हाथपांव फूले तो उरेडा की टीम ने शनिवार को गांव पहुंच कर परियोजना की मरम्मत कर बिजली सप्लाई शुरू की।

अब एएनएम भी गांव की ही होगी 
नामिक हाईस्कूल में तैनात एकलौते शिक्षक भगवान सिंह जैम्याल भी नामिक के रहने वाले हैं और करीब 20 साल से नामिक के प्राइमरी से लेकर हाईस्कूल तक के स्कूलों का संचालन करते आ रहे हैं। नामिक कोई भी कर्मचारी रहना नहीं चाहता। गांव के लोगों की मांग पर डीएम ने एक सप्ताह में डिप्टी सीएमओ ऊषा गुंज्याल को एएनएम की ट्रेनिंग कर आई नामिक निवासी युवती को नामिक में अस्थायी नियुक्ति देने के आदेश दिए।
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