अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के पहले सत्र में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 21 महिलाओं को सम्मानित किया गया।
पिथौरागढ़ नगरपालिका सभागार में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि जिलाधिकारी डॉ.विजय कुमार जोगदंडे ने शॉल और प्रतीक चिन्ह प्रदान कर महिलाओं को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से महिलाओं की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं। महिलाओं को बराबरी का अवसर देकर ही उनकी स्थिति में सुधार किया जा सकता है। सीडीओ वंदना ने कहा कि पुरुष प्रधान समाज में लंबे समय तक महिलाओं को उनके अधिकारों और हकों से वंचित रखा गया।
आज महिलाएं सशक्त हैं और हर क्षेत्र में प्रतिनिधित्व कर रही हैं। सीएमओ डॉ.ऊषा गुंज्याल ने कहा कि महिला-पुरुष एक दूसरे के पूरक हैं। महिला को भी समान अधिकार मिलने चाहिए। बालिका विद्या मंदिर की छात्रा शालिनी द्विवेदी ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन मुकेश पंत ने किया।
समारोह में इन्हें किया गया सम्मानित
मुख्य विकास अधिकारी वंदना, सीएमओ डॉ.ऊषा गुंज्याल, जिला अस्पताल की पीएमएस डॉ.निर्मला पुनेठा, शिक्षिका एवं साहित्यकार डॉ.आनंदी जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता रेनू ठाकुर, शराब विरोधी आंदोलन चलाने वाली भरमुनी गांव की पूर्व महिला मंगल दल अध्यक्ष सावित्री खड़ायत, प्रधानाचार्य रेखा जोशी, तीलू रौतेली पुरस्कार विजेता एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान से जुड़ी हेमा थलाल, तीलू रौतेली पुरस्कार विजेता विनीता कालौनी, नेशनल शूटर यशस्वी जोशी, पर्वतारोही शीतल राज (शीतल राज के प्रशिक्षण में होने से उनकी माता सपना देवी को सम्मानित किया गया), नमकीन उद्योग शुरू कर स्वरोजगार के क्षेत्र में पहचान बनाने वाली देवकी जोशी, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी भट्ट, जिला उद्यान अधिकारी डॉ.मीनाक्षी जोशी, प्रधानाचार्या मीनू भट्ट, प्रधानाचार्या ममता पंत, एडवोकेट मीनू बिष्ट, एड.रितु गुप्ता, सामाजिक कार्यकर्ता शोभा जोशी, अंकिता जोशी, जिला पंचायत सदस्य जमुना लोहिया।
गोष्ठी में महिलाओं ने सांझा किए अपने अनुभव
पिथौरागढ़। अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत आयोजित सम्मान समारोह के द्वितीय सत्र में गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें महिलाओं ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र के अनुभव साझां किए। डॉ.आनंदी जोशी ने कविता के माध्यम से नारी की दशा का चित्रण किया। शराब के खिलाफ गांव में आंदोलन चलाने वाली पूर्व महिला मंगल दल अध्यक्षा सावित्री खड़ायत ने कहा कि यदि महिलाएं ठान लें कि समाज को नशामुक्त बनाना है तो जरूर इसमें सफलता मिलेगी। हेमा थलाल ने संघर्षों से जीत पाने के अनुभव बनाए। एड.मीनू बिष्ट, मीनू भट्ट, भागीरथी, रेखा जोशी, लेखक राजेश मोहन उप्रेती ने भी अपने विचार रखे।