कैलाश मानसरोवर यात्रा का आठवां दल सातवें दिन भी गुंजी नहीं पहुंचा पाया। 13 यात्रियों को लेकर वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर ने शनिवार की सुबह सात बजे नैनीसैनी हवाई पट्टी से उड़ान भरी। हेलीकॉप्टर छियालेख में घने कोहरे के चलते लौट आया। दो अन्य हेलीकॉप्टर भी हवाई पट्टी पर चालू थे, लेकिन कोहरे ने यात्रियों की राह को रोक लिया। पांचवें और छठे दल के यात्री अभी गुंजी में ही फंसे हैं। सातवां दल दार्चिन पहुंच गया है। 9वें दल के यात्रियों को चौकोड़ी में ही रोका गया है।
आठवें दल के यात्री सुबह नैनीसैनी पहुंच गए थे। ठीक सात बजे एक हेलीकॉप्टर ने यात्रियों को लेकर गुंजी की उड़ान भरी, लेकिन छियालेख में कोहरे के चलते उसे लौटना पड़ा। दो हेलीकॉप्टर नैनीसैनी में चालू थे, लेकिन उड़ान नहीं हो पाई। इससे यात्री मायूस होकर दोपहर 12 बजे पर्यटक आवास गृह लौट आए।
उधर, गुंजी में फंसे पांचवें और छठे दल के यात्रियों में बेचैनी बढ़ने लगी है। उनमें व्यवस्था के प्रति खासा आक्रोश है। यात्रियों ने शुक्रवार रात गुंजी में नारेबाजी की। उनका कहना है कि छोटे हेलीकॉप्टर के जरिये उन्हें धारचूला पहुंचाया जाना चाहिए। सातवां दल तकलाकोट से दार्चिन पहुंच गया है।
यात्रियों ने किए पाताल भुवनेश्वर के दर्शन
बेड़ीनाग। चौकोड़ी में रुके कैलाश यात्रा के आठवें दल के 46 यात्रियों ने शनिवार को पाताल भुवनेश्वर गुफा के दर्शन कर शीश नवाया। इससे पहले यात्रियों को कस्तूरा मृग अभयारण्य धरमघर और कोटगाड़ी मंदिर के दर्शन कराए गए। यात्री धार्मिक स्थलों के दर्शन और प्रकृति की खूबसूरती से बेहद रोमांचित हैं।
वायुसेना अधिकारियों ने किया पौधरोपण
पिथौरागढ़। कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंधक और यात्रा के नोडल अधिकारी दिनेश गुरुरानी की पहल पर वायुसेना के अधिकारियों ने नैनीसैनी हवाई पट्टी परिसर में पौधरोपण किया। उनको हिमालय बचाओ अभियान के तहत स्वच्छता की भी शपथ दिलाई गई। इस मौके पर वायुसेना के फ्लाइट गनर वैंकट नंबूरी, सिद्धार्थ शर्मा, अखिलेश कुमार, सीके नायर, पीएस राठौर, एसएस चौधरी, यात्राधिकारी दीवान सिंह बिष्ट, प्रताप नाथ, पद्म सिंह, वेदप्रकाश, अजय धामी, भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह आदि थे।