गंगोलीहाट तहसील के अग्रौन से आंवलाघाट तक प्रस्तावित 13 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण दस वर्ष में भी पूरा नहीं हो पाया है। इस सड़क की उपयोगिता अब इसलिए भी महसूस की जा रही है, क्योंकि पंचेश्वर बांध का निर्माण होने पर पिथौरागढ़ से हल्द्वानी और अल्मोड़ा जाने के लिए इसी मार्ग का उपयोग होगा। बताया गया कि अग्रौन से आंवलाघाट तक 13 किलोमीटर लंबी सड़क को 2006 में मंजूरी मिल गई थी और 2007 से इसका निर्माण शुरू कर दिया गया। करीब दो किलोमीटर सड़क बनने के बाद सड़क के निर्माण में वन भूमि का पेच फंस गया। बाद में धन की कमी का बहाना कर लोक निर्माण विभाग ने काम रोक दिया।
सड़क न बनने से पोखरी, बोयल, पाली, आंवलाघाट, सुंगरनौला, जजुराली, शौकीगाड़ा, चौंली, हकेश्वर, कलीमेल, चौपाता गांवों की हजारों की आबादी सड़क सुविधा से वंचित है। इस घाटी वाले इलाके में पैदा होने वाले फलों, सब्जियों का भी कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है। बोयल की प्रधान हेमा देवी ने सड़क का निर्माण शुरू करने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को पत्र दिया है। कहा है कि अब भी इलाके के लोगों को 108 आपात सेवा का लाभ नहीं मिला है। इलाके में रसोईगैस का वाहन नहीं पहुंच पाता।
उन्होंने कहा कि यदि जल्दी सड़क का निर्माण नहीं हुआ तो क्षेत्र के लोग आगामी लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। यदि यह सड़क बन जाती तो पिथौरागढ़ से गंगोलीहाट की दूरी मात्र 30 किलोमीटर रह जाती, जबकि इस समय घाट, पनार के रास्ते गंगोलीहाट जाने के लिए 85 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। पत्र की एक प्रति गंगोलीहाट के विधायक को भी भेजी गई है। विधायक मीना गंगोला का कहना है कि वह सड़क निर्माण के लिए अपने स्तर से प्रयास करेंगी। पहले यह पता लगाया जाएगा कि किस कारण कार्य रुका है।