पिथौरागढ़/बेड़ीनाग। तहसीलों में कार्यरत मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के कार्य दिलाने का उत्तराखंड भूलेख संवर्गीय कर्मचारी महासंघ ने विरोध किया है। पिथौरागढ़ में राजस्व निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों ने कार्य बहिष्कार करने के बाद तहसील परिसर में धरना, प्रदर्शन किया।
वहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि तहसीलों में कार्यरत मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को सेवा नियमावली के विपरीत तहसीलदार और नायब तहसीलदार के कार्य सौंपे गए हैं। इसके विरोध में आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ रहा है।
आंदोलित कर्मियों का कहना है कि तहसीलदार और नायब तहसीलदार के कार्य अति महत्वपूर्ण होने के कारण नायब तहसीलदार पद पर तैनाती से पहले राजस्व कार्यपालक सेवा के कार्मिकों को पहले एक वर्ष का राजस्व उपनिरीक्षक प्रशिक्षण, तीन माह का व्यावहारिक पुलिस प्रशिक्षण, तीन माह का राजस्व निरीक्षक प्रशिक्षण और साढ़े चार माह का नायब तहसीलदार प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति दी जाती है।
उनका कहना है कि व्यवस्थाओं के विपरीत राजस्व विभाग की प्रशासनिक संरचना से खिलवाड़ कर तहसीलदार और नायब तहसीलदार के कार्य प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे जा रहे हैं। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। पिथौरागढ़ में राजस्व निरीक्षक मोहन गिरी, नरेंद्र गिरी, नवीन पांडे, दीनदयाल वर्मा, दीपा जोशी, कविता गैड़ा, निशा वर्मा, गजराज सिंह कुटियाल, जीवन पुनेठा, करन सिंह पांगती आदि रहे।
राजस्व निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों की हड़ताल से लोगों के प्रमाणपत्र सहित तमाम कामकाज प्रभावित रहे। मंगलवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। बेड़ीनाग तहसील में उपनिरीक्षक मोहित चंद, वीरेंद्र बोरा, संजय रावत, अजंता दुग्ताल, आशा राज, कंचन, प्रिया, महेश बिष्ट, पवन चंद, सुरेश पंत, कानूनगो दीपक कुमार रहे।