लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे नगर के लोगों में उम्मीद जागी थी कि बारिश के बाद पेयजल का संकट कम होगा, लेकिन जल संस्थान सरयू में सिल्ट आने का बहाना बनाकर पेयजल की सप्लाई नहीं कर पा रहा है। इस हफ्ते लगातार दो दिन पेयजल की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। शुक्रवार को तो हालात इतने बिगड़ गए कि स्टैंड पोस्ट में भी पानी नहीं चला। उपभोक्ताओं ने जल संस्थान की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। कहा कि प्रचंड गर्मी के दौरान टैंकरों से पानी बांटने की नौबत नहीं आई, लेकिन बारिश होने के बाद जल संस्थान टैंकरों से पानी बांट रहा है।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा का कहना है कि सरयू में भारी मात्रा में सिल्ट आ रही है। पंपों में सिल्ट घुसने पर उनके खराब होने का खतरा रहेगा। बृहस्पतिवार शाम नदी में भारी सिल्ट आ गई थी। इस कारण पंपों का संचालन नहीं किया गया। रात में किसी भी टंकी तक पानी नहीं पहुंच पाया। लगातार पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों का कहना है कि जल संस्थान के इंतजामों का इससे पता चल जाता है कि पानी होने के बावजूद वह लिफ्ट नहीं कर पा रहा है।
ठुलीगाड़ पंपिंग योजना में पानी का स्तर तो बढ़ा है लेकिन यह पानी नगर के सिर्फ 35 फीसदी हिस्से में पहुंच पाता है। बड़े हिस्से में घाट पंपिंग योजना का पानी ही सप्लाई होता है।
बेड़ीनाग में बारिश से कोई राहत नहीं
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। क्षेत्र में बृहस्पतिवार रात जमकर बारिश हुई, लेकिन पेयजल सप्लाई में इससे कोई सुधार नहीं आया। अभी इतनी ज्यादा बारिश भी नहीं हुई है कि पेयजल स्रोत रिचार्ज हो जाएं। नगर में जल संस्थान टैंकर और वाहनों से पानी बांट रहा है। जल संस्थान के अवर अभियंता गजेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश से हैंडपंपों में पानी की मात्रा बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन स्रोतों का स्तर इतनी जल्दी नहीं बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल नगर में टैंकरों से ही पानी बांटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पांच किलोमीटर दूर सुकल्याड़ी स्रोत से पानी लाकर बांटा जा रहा है। इसमें ज्यादा समय खर्च हो रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बरसाती पानी को संग्रह कर रख लें, यह बाहरी उपयोग में लाया जा सकता है।