ट्रैक ऑफ द ईयर खलियाटॉप के तहत खूबसूरत बुग्यालों में पहुंच रहे ट्रैकर्स ने सफाई अभियान चलाकर मिसाल कायम की है। इन बुग्यालों में हाल की बारिश के बाद हरी घास उगने लगी है। बुग्यालों में ज्यादा बड़े पेड़ तो नहीं मिलते, लेकिन वहां पर दूर-दूर तक फैली हरियाली सभी को आकर्षित करती है। मर्तोलीथौड़, बेटुलीधार, मैसरकुंड में जाने पर ट्रैकर्स को महसूस हुआ कि यह स्थान किसी जन्नत से कम नहीं हैं।
कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने कहा कि ट्रैकिंग रूट पर टैकर्स ने सफाई की है। शुक्रवार को सातवें दल के 30 सदस्य मर्तोलीथौड़ को रवाना हुए। उनको समाजसेवी पूरन पांडे ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब तक प्रथम दल ने ही ट्रैकिंग पूरी की है। दूसरे दल की ट्रैकिंग शनिवार को पूरी होगी। यह लोग ट्रैकिंग रूट में छह दिन का समय बिता रहे हैं।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद, यूथ हॉस्टल ऑफ इंडिया और कुमाऊं मंडल विकास निगम की ओर से आयोजित ट्रैक ऑफ द ईयर के लिए 700 लोगों ने पंजीकरण कराया है। रोज एक ग्रुप की रवानगी हो रही है। 26 ग्रुप 30 मई तक जाते रहेंगे। यूथ हॉस्टल ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी युधिष्टर शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान हर ट्रैकर को प्रकृति को करीब से जाकर देखने और समझने का मौका मिल रहा है।
बारिश होगी तो बढ़ेगी परेशानी
उच्च हिमालयी क्षेत्र में प्री-मानसून की बारिश थोड़ा जल्दी शुरू हो जाती है, यदि बारिश होगी तो ट्रैकिंग रूट पर फिसलन बढ़ने लगेगी। इस कारण थोड़ी दिक्कत आ सकती है। बारिश में ट्रैकिंग रूट के लक्ष्य को पूरा करने में भी बाधा पहुंचेगी। अब तक सात दल गए हैं। इस दौरान मौसम सुहावना रहा था। किसी भी दल को कोई कठिनाई नहीं हुई।