पड़ोसी देश नेपाल में भूकंप की घटना के बाद इस जिले में प्रशासन सतर्क हो गया है। सोमवार को जिलाधिकारी सुशील कुमार ने अधिकारियों की बैठक ली और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी हासिल की। नेपाल सीमा से सटे जौलजीबी, झूलाघाट और धारचूला में अब एंबुलेंस को हर समय तैनात रखा जाएगा। लोगों को मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एसएसबी और बीआरओ की मदद लेने को कहा गया। जिला अस्पताल में पर्याप्त दवाएं और बिस्तर तैयार रखने को कहा गया। अस्पतालों में दवाओं का पर्याप्त इंतजाम करने, बेस गोदाम में राशन की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि सीमांत क्षेत्र में 105 डीएसपीटी फोन, वायरलेस सुविधा उपलब्ध है। डीएम ने कहा कि सभी विभागों को आपस में तालमेल बनाकर चलना होगा ताकि किसी स्थिति से आसानी से निपटा जा सके। आपदा से निपटने के लिए कुछ नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन नौजवानों के फोन नंबर आईटीबीपी और एसएसबी को भी उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा, सीडीओ विनोद गिरी गोस्वामी, अपर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, उपजिलाधिकारी अनुराग आर्य, एसएसबी के उपसेनानी विकासदीप सिंह समेत अन्य अधिकारी थे।