रोडवेज को हो चुके लाखों रुपये के नुकसान के बाद उत्तराखंड परिवहन निगम महानिदेशालय ने पिथौरागढ़ डिपो के लिए 40 टायरों की खरीद की है। टायर बृहस्पतिवार सुबह तक पिथौरागढ पहुंच जाएंगे। टायरों के अभाव में पिथौरागढ़ डिपो की 30 बसें वर्कशाप में खड़ी हैं।
पिथौरागढ़ डिपो के पास 72 बसों का बेड़ा है। डिपो से रोज 19 बस सेवाएं संचालित की जाती हैं। इनमें दिल्ली, हरिद्वार, देहरादून, हल्द्वानी समेत तमाम शहरों के लिए बसों का संचालन होता है, जिनमें एक हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। टायरों के अभाव में डिपो की 30 बसें खड़ी हो गई हैं। मंगलवार को रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संयुक्त परिषद के नेतृत्व में रोडवेज कर्मियों ने टायर और स्पेयर पार्ट्स की कमी को लेकर रोडवेज कार्यशाला में प्रदर्शन किया था।
परिषद उपाध्यक्ष मोहन सिंह भंडारी ने महानिदेशालय स्तर पर हुई वार्ता का हवाला देते हुए बताया कि महानिदेशालय ने मेरठ से 40 टायरों की खरीद कर ली है। ये टायर बृहस्पतिवार सुबह तक डिपो में पहुंच जाएंगे। भंडारी ने कहा कि टायरों के साथ ही स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण निगम की आय प्रभावित हो रही है।
दिल्ली, देहरादून के लिए नहीं चली बस, यात्रियों का प्रदर्शन
बुधवार को पिथौरागढ़ से दिल्ली, देहरादून समेत तमाम रूटों में रोडवेज बसों का संचालन नहीं हुआ। अधिक दूरी की केवल हरिद्वार को बस गई। स्टेशन में यात्रियों की भारी भीड़ लगी रही। बस न होने से यात्रियों को दिक्कत हुई। गुस्साए यात्रियों ने स्टेशन में रोडवेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रोडवेज के परिचालक भी निगम की अव्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। काफी देर तक रोडवेज स्टेशन में हंगामे की स्थिति रही।
टैक्सी संचालक वसूल रहे मनमाना किराया
रोडवेज बसों में पहिए नहीं होने का फायदा टैक्सी संचालक मनमाना किराया वसूलकर उठा रहे हैं। लंबी रूटों में टैक्सी संचालक अधिक दाम वसूल रहे हैं। इस मनमानी पर परिवहन विभाग, पुलिस, प्रशासन किसी की नजर नहीं पड़ रही है। टैैक्सी में अधिक दाम चुकाना यात्रियों की मजबूरी बन गई है।
डिपो की आय पर पड़ा असर
पिथौरागढ़ डिपो को बसों के संचालन से 8 लाख रुपये प्रतिदिन की आय होती थी। टायरों के अभाव में बसों के खड़े होने से डिपो की आय सिमट कर लगभग 5 लाख रह गई है। पांच दिन से बसें खड़ी हैं। इसके हिसाब से करीब 15 लाख रुपये का नुकसान डिपो को हो चुका है।
टायरों के अभाव में बसों के खड़े होने से डिपो को नुकसान हो रहा है। यात्रियों को दिक्कत हो रही है। टायरों की खरीद हो गई है। जल्द ही सभी बसों का संचालन होने लगेगा। -दीपक महरा, सहायक महाप्रबंधक, रोडवेज, पिथौरागढ़