पिथौरागढ़ के वड्डा रोड में बहता सीवर का पानी।
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एक लाख की आबादी वाले पिथौरागढ़ शहर में सुविधाएं बढ़ने के बजाय घट रही हैं। करोड़ों की धनराशि खर्च करने के बाद भी शहर में सीवर लाइन तक नहीं बिछ पाई है। इसके चलते सीवर का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है।
पिथौरागढ़ शहर में 2006 में सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू हुआ था। 12 साल बीतने के बाद भी शहर में सीवर लाइन नहीं बन पाई है। सीवर लाइन नहीं होने से घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाली गंदगी परंपरागत नौले-धारों को दूषित कर रही है। आज भी नगर के अधिकांश क्षेत्रों में सीवर खुली नालियों में बह रहा है। रोडवेज स्टेशन से टकाना को जाने वाली सड़क की खुली नाली में सीवर बहने से व्यापारियों सहित राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
कई हिस्सों में आए दिन सड़कों पर भी सीवर बहने की शिकायतें आती रहती हैं। शुक्रवार को तिलढुकरी क्षेत्र की सड़क पर सीवर बहने से लोग परेशान रहे। वाहनों के टायरों से सीवर का गंदा पानी उछलकर लोगों के ऊपर भी गिरा। नगरवासियों का कहना है कि राजनीतिक दलों के नेता चुनावों में ही समस्याओं के समाधान के दावे करते हैं। चुनाव के बाद उन वायदों को भुला दिया जाता है।