धारचूला-तवाघाट एनएच पर बुधवार को बड़े वाहनों का संचालन शुरू हुआ। संवाद
ऐलागाड़ में बंद टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग करीब 38 घंटे के बाद बुधवार दोपहर 12 बजे सभी वाहनों के लिए खोल दिया गया। मार्ग से बोल्डर और मलबा हटाने के बाद वाहनों का संचालन शुरू हो गया है। यातायात सुचारु होने पर आदि कैलाश यात्रियों और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली।
बीते मंगलवार रात करीब नौ बजे टनकपुर-तवाघाट एनएच ऐलागाड़ झूलापुल के पास भारी लैंडस्लाइड होने से बंद हो गया था। इस कारण आदि कैलाश, पंचाचूली और नारायण आश्रम आने-जाने वाले सैकड़ों यात्रियों के साथ ही स्थानीय ग्रामीण दिन भर फंसे रहे। भूस्खलन से गिरे बोल्डरों की चपेट में आने से बैरक में मौजूद एसएसबी के दो जवान भी घायल हो गए थे।
सड़क बंद की सूचना मिलने पर बीआरओ के कमांडर कर्नल प्रशांत सिंह 765 बीआरटीएफ, एई आरके शर्मा और एसडीएम मंजीत सिंह ने एलागाड़ पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सड़क निर्माण कंपनी हिलवेज ने छोटे वाहनों के लिए मंगलवार रात आठ बजे सड़क खोल दी थी। बुधवार सुबह से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। दोपहर 12 बजे बोल्डर हटाने के बाद सड़क को सभी वाहनों के लिए खोल दिया गया। इस दौरान सीओ पुलिस कुंवर सिंह रावत, कोतवाल विजेंद्र शाह और बीआरओ के ओआईसी एई आरके शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
घायल जवान की हालत में सुधार
पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण घायल एसएसबी के जवान महाजन मोहन रविंदर का धारचूला संयुक्त अस्पताल में उपचार चल रहा है। उनका इलाज कर रहे ऑर्थोपैडिक सर्जन डॉ. जेएस पांगती ने बताया कि घायल जवान की हालत में सुधार है। एसएसबी के डीआईजी सुधांशु नौटियाल, एसएसबी 11वीं वाहिनी के कमांडेंट अतुल कुमार राय और डिप्टी कमांडेंट जय प्रकाश ने अस्पताल पहुंचकर घायल जवान का हाल जाना। घटना के समय बैरक में मौजूद जवान अजय कुमार मामूली रूप से चोटिल हुए थे जिन्हें मंगलवार को ही प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई थी।