नाचनी (पिथौरागढ़)। बांसबगड़ न्याय पंचायत क्षेत्र के सेलमाली गांव में भुजगड़ नदी पर गरारी की जगह झूलापुल बनने की कवायद शुरू हो गई है। इससे क्षेत्र के लोगों में खुशी है। मंगलवार को झूलापुल निर्माण का शिलान्यास होगा।
झूलापुल निर्माण से मुनस्यारी विकासखंड के सेलमाली, दाखिम, माणीधामी, दारमा, समकोट, डोकुला, कोटा-पन्द्रपाला, डूंगरी, पांगरपानी, बजेता और रायां ग्राम पंचायतों की करीब 10 हजार की आबादी की आवाजाही सुगम हो सकेगी। करीब 15 वर्षों से इलाके की इतनी बड़ी आबादी गरारी के जरिये ही नदी पार कर आवाजाही कर रही है। विभिन्न गांवों के बच्चे पंद्रहपाला इंटर कॉलेज जाने के लिए रोज गरारी से ही नदी पार लगभग तीन किमी पैदल चलकर स्कूल पहुंचते हैं। जर्जर हो चुकी गरारी और उसके तारों से आए दिन कोई न कोई चोटिल हो जाता है क्योंकि गरारी से नदी पार करते वक्त सहारे के लिए तार पकड़ना एक मजबूरी है।
गरारी के तार टूटने का डर भी बना रहता है। खासकर बरसात के दिनों में गरारी से आवाजाही और भी खतरनाक और डराने वाली बन जाती है। 15 वर्षों से यह जोखिम उठा रहे क्षेत्रवासियों में अब झूलापुल के शिलान्यास की खबर सुनकर खुशी की लहर है। मंगलवार को पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज पिथौरागढ़ में 171.49 लाख की लागत से भुजगड़ नदी पर 54 मीटर लंबे स्पान के झूलापुल के निर्माण का शिलान्यास करेंगे।
लोगों का कहना
भुजगड़ नदी पर आवागमन की समस्या से जूझ रहे 12 गांवों के ग्रामीणों को झूलापुल का शिलान्यास होने को लेकर काफी खुशी है। सभी क्षेत्रवासियों के लिए यह शुभ संकेत है। - कविता महर, क्षेत्र प्रमुख मुनस्यारी
संघर्ष से सफलता तक का सफर हम सभी लोगों के लिए प्रेरणादायक जीत है। उत्तराखंड सरकार काय यह कदम सराहनीय है। सरकार का आभार व्यक्त करते हैं। - गजेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान रायां
झूलापुल का निर्माण होने पर पंद्रहपाला इंटर काॅलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को ट्रॉली में जान खतरे में डालकर आवाजाही करने से मुक्ति मिलेगी। क्षेत्रवासियों में खुशी है। - राधा देवी, प्रधान डूंगरी
भुजगड़ नदी में झूलापुल निर्माण की 25 वर्षों की गई मांग अब पूरी हो रही है। गल चुके ट्राॅली के तारों से लोगो के हाथ कटने के साथ जान खतरे में रहती थी। - त्रिलोक सिंह महर, प्रधान सेलमाली
भुजगड़ नदी पर झूलापुल का शिलान्यास नए वर्ष के आगमन पर क्षेत्रवासियों के लिए अमूल्य उपहार है। आखिर सरकार ने उनकी वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने की ओर ध्यान दिया है। - दीपक सिंह, प्रधान बजेता