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प्रभावितों ने बांध के सर्वे पर उठाए सवाल, आपत्तियां दर्ज कराईं

Fri, 11 Aug 2017 10:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ में पंचेश्वर बांध की सुनवाई के मंच पर मौजूद अधिकारी और जनप्रतिनिधि - फोटो : अमर उजाला
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पंचेश्वर बांध को लेकर उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पर्यावरणीय स्वीकृति की जनसुनवाई में लोगों ने बांध के सर्वे पर गंभीर सवाल उठाए। बांध प्रभावितों ने कई तरह की आपत्तियां दर्ज कराईं। सटीक विस्थापन पर सबका जोर रहा। जनसुनवाई कर रहे अधिकारियों की ओर से कहा गया कि पिथौरागढ़ जिले में 87 गांव बांध से प्रभावित हो रहे हैं। इनमें से 16 गांव पूर्ण रूप से प्रभावित हो रहे हैं। सुबह 11 बजे से शाम 6.15 बजे तक (7.15 घंटे) चली चली जनसुनवाई में करीब 2000 लोगों ने हिस्सा लिया।
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जनसुनवाई की शुरुआत में वाप्कोस कंपनी के सहायक निदेशक डा. अमित शर्मा ने बांध विस्थापित क्षेत्र के बारे में पावर प्वाइंट के माध्यम से बताया। उन्होंने कहा कि 5040 मेगावाट क्षमता की परियोजना बनने से स्थानीय लोगों को जरूरी सुविधाएं तो उपलब्ध होंगी ही, 13 प्रतिशत निशुल्क बिजली उत्तराखंड राज्य को मिलेगी। इससे राज्य को 240 की धनराशि हर साल मिलेगी। बांध प्रभावितों के को रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था डीपीआर में है। पंचेश्वर बांध प्राधिकरण के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी महेंद्र बहादुर गुरंग ने बताया कि प्रभावित परिवारों को भूमि, घर, मुआवजा की अधिकतम राशि का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चंपावत जिले में के 134 गांव बांध से प्रभावित हो रहे हैं। प्रत्येक जिले में प्राधिकरण की ओर से एक-एक हेलीपैड बनाया जाएगा और 8 रोपवे का निर्माण होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर की पर्यटन गतिविधियों, वाटर स्पोर्ट्स से इलाके को जोड़ा जाएगा।
उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सोमपाल सिंह ने बताया कि प्रभावितों को सर्किल रेट से मुआवजा दिया जाएगा। मवेशी पालन, कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिले के 15 स्कूलों को अपलिफ्ट किया जाना है। 14 नए स्कूल भवन बनाए जाएंगे। जिला अस्पताल को अपग्रेड करने के लिए 20 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। एक आईटीआई खोला जाएगा। पर्यटन विकास के लिए 2 सांस्कृतिक केंद्र खोले जाएंगे। एक केंद्र में बांध से संबंधित जानकारी दी जाएगी, तो दूसरे में भारत-नेपाल की साझा संस्कृति की झलक के दीदार होंगे। परंपरागत शैली में भवनों का निर्माण होगा, स्थानीय वास्तुकला को प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 33000 करोड़ की परियोजना में 10866 करोड़ पर्यावरण प्रबंधन के लिए रखे गए हैं।
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जनसुनवाई में पहुंचे गोपाल चंद ने ग्राम स्तर पर सुनवाई की मांग की। कहा मंदिरों का संरक्षण होना चाहिए। बांध प्रभावित निशनी गांव के दिनेश सिंह, पंचेश्वर के लक्ष्मण सिंह ने गांवों में सर्वे न होने पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सर्वे करने वाले एनजीओ ने फर्जी आंकड़े प्रस्तुत किए हैं। किसी भी गांव में सर्वे नहीं हुआ है। प्रभावितों ने संपूर्ण सुविधाओं के साथ हल्द्वानी, रुद्रपुर आदि में विस्थापित करने, सरकारी नौकरी देने, प्रत्येक परिवार को पांच एकड़ जमीन आवंटित करने, बांध से पैदा होने वाली बिजली का लाभांश देने के साथ ही भूमिहीनों और वर्ग 4, 5 की जमीन पर बसे लोगों को भी सुविधाएं देनी की मांग उठाई। अपर जिलाधिकारी मोहम्मद नासिर की अध्यक्षता में हुई जनसुनवाई में डीडीहाट के विधायक विशन सिंह चुफाल, धारचूला के विधायक हरीश धामी, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष केदार जोशी, पूर्व दर्जा मंत्री महेंद्र लुंठी विधायक प्रतिनिधि कृपाल वल्दिया, भाजपा जिला महामंत्री गोपू महर, जिला उपाध्यक्ष गिरीश जोशी आदि मंचासीन थे। संचालन एसडीएम सदर एसके पांडेय ने किया।

तीन स्थान पर सड़क बंद होने से परेशान हुए लोग
पिथौरागढ़। जनसुनवाई में आ रहे जौलजीबी, बगड़ीहाट, तालेश्वर क्षेत्र के लोगों को सड़क बंद होने से भारी परेशानी झेलने पड़ी। महिला संगठन की अध्यक्ष लीला बनग्याल, शकुंतला दताल ने बताया कि लखनपुर, पिनौड़ीगाड़ में तीन स्थानों पर सड़क बंद होने से उन लोगों को वाहन बदल-बदलकर आना पड़ा। इस कारण वह लोग दो घंटे की देरी से जिला मुख्यालय पहुंच पाए।
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