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पिथौरागढ़ जिले में सूखे की स्थिति का सर्वे कराएगा प्रशासन

Thu, 18 Jan 2018 10:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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थल घाटी में सूखे से चौपट हो रही गेहूं की फसल - फोटो : अमर उजाला
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जिले में लंबे समय से बारिश न होने और मानसून सीजन में भी औसत से कम बारिश होने के कारण पैदा हो रही सूखे की स्थिति का सर्वे किया जाएगा। डीएम सी रविशंकर ने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सूखे से फसलों और सब्जियों को हो रहे नुकसान की रिपोर्ट तैयार करें। प्रशासन इस रिपोर्ट को प्रदेश सरकार के पास भेजेगा। मौसम की असामान्य स्थितियों से प्रशासन भी चिंता में है। बारिश नहीं होने से जहां पेयजल का संकट गहराएगा, वहीं जंगलों में आग के खतरे भी बढ़ जाएंगे।

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डीएम ने कहा कि सर्वे का काम पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जिले में फसलों पर सूखे का वास्तव में कितना असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि सूखे से फसलों और बागवानी पर पड़ रहे असर की वास्तविक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारी खेतों में जाकर सर्वे करेंगे। वहीं, डीएम के आदेश पर कृषि और उद्यान विभाग ने सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है। उम्मीद है कि कम से कम दस दिनों में सूखे की स्थिति पर रिपोर्ट डीएम को प्राप्त हो जाएगी। उसके बाद यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

प्रशासन ने बारिश का आंकड़ा तैयार किया
प्रशासन ने जिले में जनवरी 2017 से दिसंबर 2017 तक हुई बारिश का आंकड़ा तैयार कर लिया है। इस आंकड़े को भी शासन को भेज दिया गया है। प्रशासन ने आठों विकासखंडों में महीनेवार हुई बारिश और पूरे जिले में हुई औसत बारिश का आंकड़ा बनाया है। डीएम सी रविशंकर ने बताया कि जिला मुख्यालय में दिसंबर में 7.5 मिलीमीटर वर्षा हुई। उससे पहले अक्तूबर और नवंबर का महीना बारिश की दृष्टि से शून्य रहा। सितंबर में 68.9 एमएम, अगस्त में 143 एमएम, जुलाई में 355.7 एमएम, जून 2017 में 111.8 एमएम बारिश हुई। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बारिश का यह आंकड़ा तैयार किया है। जानकारों का कहना है कि मानसून सीजन में भी जिले में अच्छी वर्षा नहीं हुई। इसका असर अब पड़ रहा। जनवरी 2018 में अब तक बारिश की एक बूंद नहीं गिरी है।

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