मौसम साफ होने और कुलागाड़ में नवनिर्मित बेली ब्रिज से यातायात सुचारु होने के बाद आदि कैलाश यात्रा का दूसरा चरण रविवार से शुरू हो गया। प्रशासन ने बाहरी राज्यों के यात्रियों के लिए ऑनलाइन इनर लाइन परमिट व्यवस्था फिर से शुरू कर दी है।
इस वर्ष यात्रा का पहला चरण एक मई से एक जुलाई तक चला जिसमें मात्र 61 दिनों में 52,441 यात्रियों ने आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन किए। पिछले वर्ष यह संख्या 36,542 थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश दौरे के बाद से यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है जिससे स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ ही पर्यटन गतिविधियों में इजाफा हो रहा है। यात्रा शुरू होने से स्थानीय होम स्टे संचालकों, टूर ऑपरेटरों, वाहन और होटल स्वामियों में खुशी की लहर है।
बीआरओ की ओर से ब्रिज तैयार करने और मौसम साफ रहने से पूर्व घोषणा के अनुसार रविवार से कैलाश यात्रा शुरू कर दी गई। सफल यात्रा के लिए एसडीएम आशीष जोशी ने यात्रियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण की यात्रा शुरू होने से स्थानीय लोगों के साथ ही कैलाश यात्रियों को राहत मिली है।
धारचूला। आदि कैलाश यात्रा के दूसरे चरण के पहले दिन रविवार को 500 से अधिक इनर लाइन परमिट जारी हुए। करीब 200 से अधिक यात्री बम-बम भोले के जयकारों के साथ गुंजी के लिए रवाना हुए। जयपुर, राजस्थान से आए जगदीश कुलवाल (67), सरोज कुलवाल (63), नारायण लाल कुटेरा (67), कुसुम कुटेरा (63) सहित छह लोगों की टीम यात्रा को लेकर काफी उत्साहित नजर आए।
हम वर्ष 2015 में मानसरोवर यात्रा कर चुके हैं, तब काफी पैदल चलना पड़ा था। अब सड़क के साथ अन्य सुविधाएं भी बेहतर हैं। भोलेनाथ की कृपा से इस बार आदि कैलाश यात्रा का अवसर मिला है। - जगदीश कुलवाल, यात्री
दो महीने बाद यात्रा दोबारा शुरू होने से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में काफी खुशी है। यात्रा शुरू होने से यहां के होम स्टे संचालक, टूर ऑपरेटर, वाहन और होटल स्वामियों की आय बढ़ेगी। -सोमित नबियाल, टूर ऑपरेटर