सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से राशन लेने वाले हर कार्डधारक को हर हाल में कार्ड में दर्ज सभी सदस्यों के आधार कार्ड का नंबर और मुखिया के बैंक खाते का नंबर जमा कराना है। जिन सदस्यों का आधार नंबर जमा नहीं होगा उनका नाम राशनकार्ड से खुद ही हट जाएगा। अब इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए गांवों में कैंप लगाए जाएंगे।
मुख्य विकास अधिकारी आशीष कुमार चौहान ने बताया कि कैंप में हर कार्डधारक को अपने राशनकार्ड की प्रति, आधार नंबर और परिवार के मुखिया के बैंक खाता संख्या को लाना होगा। इसे सहायक खाद्य निरीक्षक को उपलब्ध कराया जाएगा। बाद में यह सारे डाटा खाद्य विभाग के कार्यालय में कंप्यूटर के माध्यम से लिंक कर दिए जाएंगे। इस काम को प्रशासन ने प्राथमिकता में रखा है।
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ताकि कार्डधारकों को राशन प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। जिला पूर्ति अधिकारी मनोज कुमार बर्मन ने बताया कि सभी खाद्य निरीक्षकों को इस आशय के निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वह लोगों के आधार नंबर को लिंक करने का काम करें। जिले में कुल राशनकार्डों की संख्या 126475 है। इनमें से 91622 कार्ड आधार लिंक हो गए हैं।
जबकि इन राशनकार्डों में कुल यूनिट की संख्या 518991 है। इनमें से 175417 यूनिटों का ही अब तक आधार लिंक हो पाया है। यूनिटों को आधार लिंक करने की प्रक्रिया बेहद धीमी होने के कारण ही अब गांवों में कैंप लगाने का फैसला लिया जा रहा है। यदि कैंप लगाने के बाद भी लोग अपने राशनकार्ड में शामिल सदस्यों के आधारकार्ड को लिंक नहीं करा पाए तो उनको राशन लेने में दिक्कत आ सकती है।