पिथौरागढ़ जिला कार्यालय में बैंकरों के साथ बैठक करते डीएम
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डीएम जनता को ऋण न देने वाले बैंकर्स के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इन बैंकों और नियंत्रकों के खिलाफ आरबीआई के साथ ही वित्तीय सचिव को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
मंगलवार को जिलास्तरीय पुनरीक्षण समन्वय समिति की बैठक के दौरान ऋण-जमा अनुपात से नाराज डीएम सी रविशंकर ने कार्रवाई के निर्देश जारी किए। इससे पहले समिति के कामकाज की समीक्षा के दौरान डीएम ने सरकारी कार्यक्रमों से दूरी बनाने वाले बैंकर्स के रवैये पर नारजगी जताई। दरअसल वित्तीय वर्ष 2017-18 में ऋण-जमा अनुपात का लक्ष्य 40 फीसदी तय किया गया था, लेकिन बैंकर्स ने 33.37 फीसदी ही परिणाम किया। इन बैंकों ने पर्याप्त जमा के बाद भी आवेदकों को ऋण नहीं दिए।
इस बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं की समीक्षा के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि बैंकर्स सरकार प्रायोजित कार्यक्रमों की उपेक्षा के साथ ही आरबीआई की गाइडलाइन का भी उल्लंघन कर रहे हैं। डीएम ने ऐसे बैंकर्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला लीड बैंक अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने बैंकर्स को किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि और औद्यानिकी में बैंकिंग सुविधा बढ़ाने को कहा। साथ ही प्राकृतिक आपदा से किसानों को हुए नुकसान की जल्द से जल्द भरपाई करने को कहा। इस दौरान आरबीआई प्रबंधक सुमन कुमार, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक पुनीत नागर, आरसेटी निदेशक नारायण दत्त, जिला सहकारी बैंक सचिव एमएस भंडारी, पीडी डीडी पंत, डीडीओ गोपाल गिरी आदि थे।
10 हजार नए क्रेडिट कार्ड बनेंगे
इस साल जिले में किसानों के 10 हजार नए क्रेडिट कार्ड बनाए जाएंगे। बैठक में इस वित्तीय वर्ष के लिए यह लक्ष्य तय किया गया है। डीएम ने बताया कि सभी बैंकर्स के साथ ही कृषि, औद्यानिकी आदि संबंधित विभागों के अधिकारियों से हर हाल में लक्ष्य पूरा करने को कहा है। अधिकारियों को तत्परतापूर्वक क्रेडिट कार्ड बनाने की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं।