लंदन फोर्ट में सौंदर्यीकरण के बाद बने भवन।
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सोर घाटी के मध्य में स्थित लंदन फोर्ट का हस्तांतरण कुमाऊं मंडल विकास निगम को हो गया है। इस किले में बने संग्रहालय में पिथौरागढ़ जिले का इतिहास, हस्तशिल्प और प्रमुख पर्यटन स्थलों का ब्योरा उपलब्ध रहेगा। पर्यटक यहां स्थानीय व्यंजनों के अलावा चाय की चुस्कियों का आनंद भी ले सकेंगे।
गोरखा शासनकाल में पिथौरागढ़ नगर के बीचोबीच एक किले का निर्माण हुआ था।
अंग्रेजी हुकूमत के दौरान इस किले को लंदन फोर्ट नाम दिया गया। आजादी के बाद से इसमें तहसील कार्यालय चल रहा था। वर्ष 2015 में पर्यटन विभाग की ओर से ऐतिहासिक महत्व के इस किले के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव रखा गया। शासन से धनराशि स्वीकृत होने के बाद एडीबी पर्यटन ने इसके सौंदर्यीकरण का काम शुरू किया। कार्यदायी संस्था ने चार माह पूर्व इस किले के सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा किया था। करीब 4.5 करोड़ की धनराशि से इस किले का सुधार करने के साथ ही परिसर में रेस्ट्रोरेंट, क्राफ्ट सेंटर, म्यूजियम बनाया गया है। बुधवार को कार्यदायी संस्था ने केएमवीएन को किला हस्तांतरित किया। हस्तांतरण के अवसर पर केएमवीएन के साहसिक पर्यटन प्रबंधक दिनेश गुरुरानी, कार्यदायी संस्था एडीबी के अभियंता विनीत कुमार सिंह, आर्किटेक्ट प्रेरणा मनराल, सलाहकार रमाकांत जोशी, एनडी जोशी, प्रकाश, महेश उप्रेती, जीवन पुनेठा, गिरीश सिंह, राकेश गड़कोटी मौजूद थे।
लंदन फोर्ट के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। कुमाऊं मंडल विकास निगम अब इस किले का संचालन करेगा। पर्यटक इस किले का भ्रमण कर सकेंगे।
दिनेश गुरुरानी, साहसिक पर्यटन प्रबंधक केएमवीएन