पिथौरागढ़। नगर पालिका के नैनीपातल ट्रंचिंग ग्राउंड में एक बार फिर कूड़े का पहाड़ लगने लगा है। इस कारण ट्रंचिंग ग्राउंड से लगे 10 से अधिक गांवों के लोगों को दिक्कत होने लगी है। यहां पर नगर पालिका ने कुछ समय पूर्व ट्रीटमेंट प्लांट लगाया था। कंपनी के साथ अनुबंध समाप्त होने के कारण ट्रीटमेंट प्लांट छह माह से बंद चल रहा है। ऐसे में गंदगी की वजह से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी काफी बढ़ गया है।
पिथौरागढ़ नगर में प्रतिदिन औसतन 35 टन कूड़ा एकत्र होता है। इस कूड़े का निस्तारण पिथौरागढ़-धारचूला एनएच पर स्थित नैनीपातल के जंगल में किया जाता है। नगर पालिका ने मई 2022 में नैनीपातल में वर्षों से जमा 39 हजार मीट्रिक टन से अधिक कूड़े के निस्तारण के लिए करीब नौ करोड़ रुपये खर्च किए थे।
हरियाणा की एक कंपनी ने यहां पर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर कूड़े का निस्तारण किया था। नैनीपातल में पिछले छह माह से कूड़े का निस्तारण बंद है। इस कारण यहां कूड़े के बड़े-बड़े पहाड़ बन गए हैं। ट्रंचिंग ग्राउंड के पास सड़क तक कूड़ा पहुंच गया है।
नगर पालिका जेसीबी मशीन की सहायता से कूड़े को नीचे जंगल की ओर डालती रहती है लेकिन हर रोज 35 टन से अधिक कूड़ा डालने के कारण यहां पर कूड़ा सड़क तक पहुंचने लगा है। इससे बीसाबजेड़, नाघर, भूलागांव, नैनीपातल, सिरड़, खूना, पातलपोखरा, नैनीनयाबाद सहित कई अन्य गांवों के लोगों को परेशानी हो रही है।
पर्यावरण मंत्रालय में अटका नया ट्रीटमेंट लगाने का प्रस्ताव
पिथौरागढ़। नगर पालिका ने नैनीपातल में ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। लंबे समय से यह प्रस्ताव पर्यावरण मंत्रालय में अटका पड़ा है। पर्यावरण मंत्रालय ने तीन आपत्तियां लगाकर नगर पालिका को भेजा है। इसमें नगर पालिका को वाइल्ड लाइफ से एनओसी लेने, ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए जमीन बढ़ाने और विमानपत्तन प्राधिकरण से एनओसी लेने को कहा गया है। संवाद
कस्बों और गांवों से आने वाले कूड़े को फेंकने पर लगाई रोक
पिथौरागढ़। नैनीपातल ट्रंचिंग ग्राउंड में ग्रामीण बाजार और विकासखंड के गांवों का कूड़ा भी नैनीपातल ही भेजा जा रहा है। नगर पालिका ने जिला पंचायत की ओर से यहां पर कूड़ा डालने पर रोक लगा दी है। इसके बाद से जिला पंचायत ने ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए जिले के विभिन्न हिस्सों में जमीन तलाशने का कार्य शुरू कर दिया है। संवाद
नगरपालिका की ओर से नैनीपातल में कूड़ा डालना बंद कर देना चाहिए। कूड़ेदान के नीचे स्थित स्रोतों से विपुल और नाघर ग्राम पंचायतों के लिए पानी की आपूर्ति होती है। कूड़े से प्रदूषण फैल रहा है। बीमारी का खतरा भी बढ़ रहा है। - सोनू चंद, ग्राम प्रधान, नैनीपातल।
नैनीपातल में ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर वर्षों से एकत्र कूड़े का निस्तारण किया गया था। पर्यावरण मंत्रालय से आपत्तियां निस्तारित होने के बाद ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का कार्य किया जाएगा। - राजदेव जायसी, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका पिथौरागढ़।