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कलेजे के टुकड़े की मौत की खबर सुन बेसुध हुईं मां

Sat, 09 Jun 2018 10:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बेड़ीनाग
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बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद बेसुध पड़ी पप्पू कार्की की मां - फोटो : अमर उजाला
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कुमाऊंनी गीतों के स्टार कलाकार के रूप में तेजी से उभरे प्रवेंद्र उर्फ पप्पू कार्की (34) की सड़क दुर्घटना में हुई मौत की खबर सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद यहां उनके गृहक्षेत्र प्रेमनगर (पांखू) के लोग स्तब्ध रह गए। पप्पू की मां ने जब अपने कलेजे के टुकड़े की मौत की खबर सुनी तो वह बेसुध हो गईं।

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पप्पू कार्की के चाचा हनुमान कार्की और चाची देवकी देवी सेलावन गांव से किसी काम के लिए प्रेमनगर आए थे। पप्पू की मां कमला देवी चार दिन पहले अपने पोते का जन्मदिन मनाकर हल्द्वानी से गांव लौटी थीं। पूरे इलाके में आग की तरह फैली इस खबर को उसकी मां को बताने का साहस कोई नहीं कर पाया। बाद में पप्पू की चाची और अन्य ग्रामीणों से अपने कलेजे के टुकड़े की मौत की जानकारी मिलने पर वह बेसुध हो गईं। होश में आने पर वह बार-बार प्रमेंद्र को याद कर दहाड़ें मारकर रोने लगतीं। ग्रामीण उन्हें ढाढ़स बंधाने का प्रयास कर रहे थे।

पप्पू थे परिवार के इकलौते चिराग
बेड़ीनाग तहसील की सैनर ग्राम पंचायत के शेलावन तोक में 1984 में जन्मे पप्पू कार्की के कृषक पिता कृष्ण कार्की का करीब डेढ़ साल पहले निधन हो चुका था। पप्पू परिवार के इकलौते चिराग थे। वह अपनी पत्नी कविता एवं पांच वर्षीय पुत्र दक्ष के साथ हल्द्वानी में किराए के मकान में रहते थे। गांव में उनकी मां कमला देवी, चाचा हनुमान कार्की, चाची देवकी देवी, अन्य दो दिवंगत चाचाओं का परिवार रहता है। पप्पू की 30 वर्षीय बहन कुंती का विवाह भैंस्कोट गांव में हुआ है।

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