पिथौरागढ़। रोडवेज डिपो में टायर और जरूरी सामान की समय पर आपूर्ति न होने के कारण एक बार फिर बसों का संचालन ठप होने की कगार पर पहुंच गया है। वर्तमान में टायरों के अभाव में तीन-चार बसें वर्कशॉप में खड़ी हो चुकी हैं और यदि जल्द आपूर्ति नहीं हुई तो करीब एक दर्जन और बसें बैठ जाएंगी। डिपो को इस समय लगभग 50 नए और 100 रबर चढ़े टायरों की सख्त जरूरत है।
इस व्यवस्थागत लाचारी के कारण पिथौरागढ़ से देहरादून, दिल्ली, धारचूला और बरेली जाने वाले मुख्य रूटों पर परिवहन सेवाएं आए दिन बाधित हो रही हैं। बसों के नियमित फेरे न मिलने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जिसके चलते मजबूरन उन्हें महंगे दामों पर टैक्सियों का सहारा लेना पड़ रहा है। हर महीने उत्पन्न होने वाली इस गंभीर समस्या का कोई भी ठोस और स्थायी समाधान धरातल पर नजर नहीं आ रहा है।
दो माह से वेतन के लिए तरस रहे डिपो के कर्मचारी
डिपो के कर्मचारी जुलाई-अगस्त के अपने दो माह से वेतन के लिए तरस रहे हैं। इस कारण स्थायी कर्मचारियों के साथ ही संविदा पर कार्यरत सैकड़ों कर्मचारियों पारिवारिक दिक्कतें भी झेलनी पड़ रही हैं। इसके चलते कर्मचारियों का काम भी प्रभावित होता है जिसका असर स्वाभाविक तौर पर परिवहन सेवा पर भी पड़ने से इन्कार नहीं किया जा सकता। समय पर वेतन भुगतान न होने की समस्या भी कर्मचारियों के सामने लंबे समय से आ रही है। जानकारी के मुताबिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयकों का भुगतान भी समय पर नहीं हो पा रहा है जबकि परिवहन निगम की आय नियमित हो रही है। इसके बावजूद कभी टायर, कभी अन्य सामान की कमी और समय पर वेतन न मिलने की समस्या बेहतर तरीके से हल नहीं हो पा रही है। इन हालात में बस सेवाओं को सुचारु बनाए रखना कर्मचारियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
-कोट-
टायरों की डिमांड भेजी गई है जो जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है। सभी रूटों पर बसों का संचालन सुचारु बना हुआ है। कर्मचारियों का वेतन यथासंभव समय पर किया जाता है।
-आरएस कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो