नाचनी में कैंडल मार्च निकालते तल्ला जोहार क्षेत्र के लोग। संवाद
नाचनी (पिथौरागढ़)। बोरा गांव की बसंती देवी और पातो गांव के प्रदीप सिंह दरियाल की हत्या की आशंका जताते हुए लोग लगातार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। दोनों मामलों का खुलासा करने और दोषियों का पता लगाकर उनकी गिरफ्तार करने की मांग पर शुक्रवार को क्षेत्र के लोगों ने नाचनी में कैंडल मार्च निकाला।
मुनस्यारी बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले लोगों ने टोल टैक्स से लेकर महात्मा गांधी की प्रतिमा तक कैंडल मार्च निकाला। लोगों ने दोनों दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान लोगों ने कहा कि गांवों में फेरी लगाने आदि के नाम पर बाहर से आने वाले लोगों में अपराधी तत्व भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस को हर एंगल से जांच करनी चाहिए।
ग्रामीणों ने कहा कि गांवों में अधिकांश वृद्धजन और अकेली महिलाएं रहती हैं। लोगों ने पर्वतीय क्षेत्रों में नशे के लगातार बढ़ रहे प्रचलन को भी अपराधों का कारण बताते हुए इसे रोकने की मांग की। समिति के संयोजक जगत मर्तोलिया ने कहा कि पुलिस को नौ नवंबर तक का समय दिया गया है। यदि दोनों घटनाओं का खुलासा नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि यह पुलिस के बस में नहीं है तो दोनों मामलों की सीबीआई जांच के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए।
इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य दीपक चुफाल, उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष ललित सिंह कोश्यारी, क्षेत्र प्रमुख डॉ कविता महर, पूर्व प्रमुख कुंदन सिंह बथियाल, विधायक प्रतिनिधि जगत सिंह महर, भगवती प्रसाद पाठक, हेमा चुफाल, कुंती देवी आदि शामिल रहे।